मोदी का "जवाब" नहीं
लंदन में हुए इस कार्यक्रम का संचालन मशहूर कवि प्रसून जोशी ने किया। इस कार्यक्रम में नरेन्द्र मोदी से जब पूछा गया कि आखिर आप की एनर्जी का राज क्या है, तो हाजिर जवाब मोदी ने कहां कि वे पिछले दो दशक से रोज एक या दो किलो गालियां खा रहे हैं। नरेन्द्र मोदी के इस जवाब के बाद काफी देर तक ठहाके लगते रहे।
इस दौरान मोदी ने कहा कि पूरा देश उनका परिवार है और जब देश के किसी भी कोने में कोई विपदा आती है तो मन करता है कि दौड़कर चला जाऊं। साथ ही मोदी ने कहा कि वे खुद को पूरा फिट रखने की कोशिश करते हैं ताकि वे आगे किसी पर बोझ ना बन सकें। इतना ही नहीं मोदी ने कहा कि विरासत में बहुत कुछ मिल सकता है लेकिन खुद को फिट खुद ही रखना होता है।
यह पहली बार नहीं है कि नरेन्द्र मोदी विदेश में रहने वाले भारतीयों से रूबरू हुए हों, इससे पहले भी जब भी वे विदेश दौरों पर गये हैं उनकी कोशिश रहती है कि वे उस देश में रहने वाले भारतीय लोगों से चर्चा करें।
अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और चीन में भारतीय लोगों के साथ नरेन्द्र मोदी की मुलाकात और उनके साथ की गई बातचीत को लोग आज भी याद रखते हैं। नरेन्द्र मोदी का यही अंदाज उन्हें विश्व के लोकप्रिय नेताओं में शुमार करता है।