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बच्चियों से दुष्कर्म के मामलों के लिए बने फास्ट ट्रैक कोर्ट – शिवराज सिंह चौहान

03 Jul 2018
बच्चियों से दुष्कर्म की वारदातों से देश में गुस्सा
 
JULY 03 (WTN) - पूरे देश समेत मध्यप्रदेश में बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। मध्यप्रदेश के मंदसौर और सतना की घटनाओं से पूरा देश गुस्से में हैं। मध्यप्रदेश में बच्चियों से दुष्कर्म की बढ़ती वारदातों पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा है। अपने पत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया है कि दुष्कर्म केस की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित हो जिससे दुष्कर्म केस की जल्द सुनवाई हो।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उच्चतम न्यायालाय के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को लिखे पत्र में उनसे अनुरोध किया है कि दुष्कर्म केस की प्राथमिकता के आधार पर जल्द सुनवाई हो। जल्द सुनवाई से पीड़िता की मानसिक पीड़ा कम होती है और इससे समाज के सामने एक उदाहरण पेश होता है कि आरोपी को जल्द से जल्द सजा मिलेगी

मुख्यमंत्री चौहान ने पत्र में लिखा, “बच्चियों को दुर्गा का रूप कहा जाता है। दुष्कर्म की कुछ जघन्य घटनाओं के बाद से देश में नाराजगी का माहौल है। मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने 12 साल से कम उम्र की नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने का प्रावधान किया है।“

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 26 नवंबर 2017 को मध्यप्रदेश कैबिनेट ने 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पास किया था। इस प्रस्ताव के तहत 12 साल से कम उम्र की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को मौत की सजा का प्रावधान था। दुष्कर्म के मामलों में इस तरह का कड़ा कानून बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना था। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश, बच्चियों और औरतों से बलात्कार के मामले में देश में पहले स्थान पर है। पिछले साल मध्यप्रदेश में 2,467 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं दर्ज हुईं थी, जो कि देशभर में बच्चियों के साथ हुई रेप की वारदातों की कुल संख्या का आधा है। जानकारी के मुताबिक दुष्कर्म के इन मामलों में 90 प्रतिशत आरोपी या तो परिवार का कोई सदस्य था या फिर कोई परिचित।