किसानों के लिए मोदी सरकार ने खोला पिटारा, खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी वृद्धि
JULY 04 (WTN) - साल के आखिरी में होने जा रहे कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए केन्द्र की मोदी सरकार ने किसानों को खुश करने की कोशिश शुरू कर दी है। किसानों के वोटों का महत्व समझते हुए केन्द्रीय कैबिनेट ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आम बजट में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने खरीफ फसलों के लिए उनकी लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने का एलान किया था। कहा जा रहा है कि किसानों से संबंधित इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खास नजर बनाए हुए हैं। इसलिए आज केन्द्रीय कैबिनेट ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने को मंजूरी दी है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 200 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि कर दी है। धान का समर्थन मूल्य 1550 से 1750 रुपये कर दिया गया है। वहीं मक्का का न्यूनतम मूल्य 1425 रुपए से बढ़ाकर 1,700 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह तुअर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5450 रुपए से बढ़ाकर 5,675 रुपए कर दिया है। वहीं उड़द के लिए अब किसानों को 5,400 रुपए के बदले 5600 रुपए प्रति क्विंटल मिलेंगे।
केन्द्रीय कैबिनेट के फैसले के मुताबिक ज्वार का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1700-1725 रुपए से बढ़ाकर 2430 रुपए कर दिया गया है। रागी का नया समर्थन मूल्य 2897 रुपए होगा। मूंग के लिए किसानों को 6975 रुपए प्रति क्विंटल मिलेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी मूंग का समर्थन मूल्य 5,575 रुपए है। सोयाबीन का समर्थन मूल्य 3050 रुपए से बढ़कर 3,399 रुपए कर दिया गया है।
तिल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5300 रुपए से बढ़ाकर 6249 रुपए कर दिया गया है, तो वहीं सूरजमूखी के बीज के लिए किसानों को 5388 रुपए मिलेंगे, फिलहाल इसका दाम 4,100 रुपए है। मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4,450 रुपए से बढ़ाकर 4,890 रुपए कर दिया गया है। वहीं रागी का भाव 1900 रुपए से बढ़कर 2,897 रुपए होगा।
माना जा रहा है कि मोदी सरकार का ये फैसला सीधे तौर पर मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ समेत कई प्रदेशों में सीधा असर दिखाएगा, इन राज्यों में किसानों की संख्या अधिक है और लोकसभा सीटों की भी।