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जीएसटी काउंसिल की बैठक: कई उत्पादों और सेवाओं पर जीएसटी की दर हो सकती है कम, सेनेटरी नैपकिन पर ‘कम’ हो सकता जीएसटी

12 Jul 2018
21 जुलाई को जीएसटी काउंसिल की बैठक में हो सकते हैं कई ‘महत्वपूर्ण निर्णय’

JULY 12 (WTN) - 21 जुलाई को होने जा रही जीएसटी काउंसिल अपनी बैठक में कुछ वस्तुओं पर कर की दर घटा सकती है। माना जा रहा है कि ज्यादातर ऐसी वस्तुओं पर दर में कटौती की जा सकती है जिनका राजस्व प्राप्ति पर ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है। इसमें सेनेटरी नैपकिन से जीएसटी खत्म करने या कम करने का फैसला भी शामिल हो सकता है।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक जिन उत्पादों पर जीएसटी दर में कटौती की जा सकती है, उनमें हस्तशिल्प, हथकरघा सामान,  सेनेटरी नैपकिन तथा कुछ सेवायें शामिल हो सकतीं हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश में जीएसटी एक जुलाई 2017 को लागू किया गया था।

भारत में जीएसटी में चार दरें 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की रखी गईं हैं। सरकार से कई संगठनों और लोगों ने मांग की है कि असंगठित क्षेत्र में तैयार किये जाने वाले सामान्य स्वास्थ्य और रोजगार उत्पन्न करने वाले उत्पादों पर दर में कटौती की जाए।

माना जा रहा है कि जीएसटी काउंसिल मुख्यतौर पर ऐसे उत्पादों पर गौर कर सकती है, जो कि आम उपभोग के सामान हों और जिनका राजस्व पर भी ज्यादा असर नहीं हो। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज्यादातर हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पादों और सेनिटरी नैपकिन पर इस समय 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता है। इन उत्पादों को जीएसटी से मुक्त करने की मांग समय-समय पर उठती रही है।

भारत में जीएसटी के बारे में कोई भी निर्णय लेने के मामले में जीएसटी काउंसिल ही सर्वोच्च निकाय है। काउंसिल ने इससे पहले जनवरी 2018 में हुई बैठक में 54 सेवाओं और 29 वस्तुओं पर जीएसटी दर में कटौती का निर्णय लिया था। नवंबर 2017 में हुई बैठक में जीएसटी काउंसिल ने 178 वस्तुओं को जीएसटी की सबसे ऊंची दर 28 प्रतिशत के वर्ग से हटाया था।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान जीएसटी से सरकार को कुल 7.41 लाख करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई। इस लिहाज से पिछले वित्त वर्ष में औसत मासिक प्राप्ति 89,885 करोड़ रुपये रही। अर्थशास्त्र के जानकारों के अनुसार, जीएसटी के तहत राजस्व प्राप्ति बढ़ाने के साथ-साथ कर दरों को अधिक तर्कसंगत बनाने से सरकार की क्षमता बढ़ेगी।