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शादी में ‘खर्चे का हिसाब’ देने का बन सकता है नियम, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार का कहा ‘विचार’ करने

12 Jul 2018
शादी के खर्चे का हिसाब देना हो सकता है ‘अनिवार्य’!

JULY 12 (WTN) - हो सकता है कि आपको जल्द ही शादी में किए ‘खर्चे’ का ‘पूरा हिसाब’ सरकार को देना पड़ सकता है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह शादी में हुए सभी खर्चों का हिसाब बताना ‘अनिवार्य’ करने पर ‘विचार’ करे।

इस मामले में कोर्ट ने कहा कि वर-वधू दोनों पक्षों को शादी पर हुए खर्चों को मैरिज ऑफिसर को बताना ‘अनिवार्य’ कर देना चाहिए। इस मामले में कोर्ट का कहना है कि सरकार को इस बारे में नियम बनाने पर ‘विचार’ करना चाहिए। इससे दहेज लेन-देन पर भी रोक लगेगी, साथ ही, दहेज कानूनों के तहत दर्ज होने वाली झूठी शिकायतों में भी ‘कमी’ होगी।

जानकारी के मुताबिक, एक सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर शादी में खर्च का ब्यौरा दिया जाता है, तो दहेज़ प्रताड़ना के तहत दायर किये गए मुकदमों में रुपयों के विवाद में कमी आएगी। कोर्ट ने ये भी कहा कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए शादी के व्यय का एक हिस्सा पत्नी बैंक खाते में भी जमा किया जा सकता है।