जानिए कि शरीर के अंगों के फड़कने के क्या हैं संकेत
JULY 17 (WTN) – कई बार आपके अंग फड़कते होंगे तो आप सोचते होंगे कि आख़िर ऐसा क्यों? अंग फड़कने का वैज्ञानिक कारण है। लेकिन ज्योतिष के एक ग्रन्थ समुद्र शास्त्र के अनुसार शरीर के अलग-अलग अंगों के फड़कने के अलग-अलग अर्थ हैं।
समुद्र शास्त्र के अनुसार मनुष्य का शरीर काफी संवेदनशील होता है। ज्योतिष में मान्यता है कि मानव शरीर के पास ऐसी शक्ति है जो उसके साथ होने वाली सम्भावित घटना को पहले ही भांप लेती है। आइये हम आपको बताते हैं कि आख़िर ज्योतिष के अनुसार शरीर के अंगों के फड़कने का क्या संकेत होता है।
समुद्र शास्त्र के अनुसार यदि पुरुष के शरीर का बायां भाग फड़कता है तो भविष्य में उसके साथ कुछ बुरा होने वाला है। वहीं अगर पुरुष के शरीर का दायां भाग फड़कता है तो उसके साथ कुछ अच्छा होने वाला है।
समुद्र शास्त्र के अनुसार महिलाओं के विषय में यह विपरित है। यानि कि यदि महिलाओं के शरीर का बायां हिस्सा फड़कता है तो ख़ुशख़बरी मिलने वाली है, और दायां हिस्सा फड़के तो बुरी ख़बर मिलने वाली है।
समुद्र शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के माथे पर हलचल होती है तो उसे भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है, वहीं कनपटी के पास फड़कन होने पर धन लाभ होता है।
अगर किसी व्यक्ति की दाईं आंख फड़कती है तो यह इस बात का संकेत है कि उसकी सारी इच्छाएं पूर्ण होने वाली हैं, और अगर उसकी बाईं आंख में हलचल रहती है तो उसे जल्द ही कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लेकिन अगर दाईं आंख बहुत देर तक या दिनों तक फड़कती है तो यह लम्बी बीमारी की तरफ इशारा करता है।
अगर इंसान के दोनों गाल एक साथ फड़कते हैं तो यह धन लाभ होने का संकेत है।
अगर किसी इंसान के होंठ फड़क रहे है तो इसका अर्थ है उसका कोई नया मित्र बनने वाला है।