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‘महंगा’ पड़ सकता है रुपये का ‘गिरना’

20 Jul 2018
डॉलर के मुकाबले रुपया 69.12 के स्तर पर पहुंचा, बढ़ सकती है महंगाई 

JULY 20 (WTN) – आज बाज़ार खुलते ही रुपया डॉलर के मुकाबले अपने सबसे निचले स्तर 69.12 के स्तर तक चला गया। इससे पहले कल रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। गुरुवार को रुपया ऐतिहासिक 43 पैसे कमज़ोर होकर 69.05 के स्तर पर बंद हुआ था। यह रुपए की अब तक की सबसे लो क्लोजिंग थी। इतना ही नहीं, 43 पैसे की कमज़ोरी रुपए में 29 मई के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी।

इससे पहले, इसी साल 28 जून को रुपया डॉलर के मुकाबले 69.10 के रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर तक चला गया था। जिसके बाद माना जा रहा था कि रुपया जल्द ही 70 पर पहुंच जाएगा, लेकिन हालात सुधरे और रुपया रिकवरी करने में सफल रहा।

यदि डॉलर के मुकाबले रुपया कमज़ोर होता है कि इससे पेट्रोलियम पदार्थों का आयात महंगा हो जाएगा। क्योंकि यदि क्रूड ऑयल का आयात महंगा होगा तो तेल कम्पनियां घरेलू कीमतों में वृद्धि करेंगी। आपकी जानकारी के भारत अपनी ज़रूरत का करीब 80 प्रतिशत क्रूड ऑइल आयात करता है। 

वहीं, यदि डीज़ल महंगा होता है तो स्वाभाविक है ट्रांसपोर्ट से माल ढुलाई की लागत बढ़ जाएगी, यदि ऐसा होता है तो इसके कारण महंगाई में तेजी आ सकती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में बड़े पैमाने पर दालों का आयात होता है। यदि रुपया कमजोर होता है तो घरेलू बाज़ार में इनकी कीमतें बढ़ेंगी जिसके कारण आम जनता की खाने की थाली महंगी हो जाएगी।

दरअसल साल 2018 की शुरुआत से ही रुपया लगातार कमज़ोर होता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इस साल में अभी तक रुपया लगभग 7 प्रतिशत टूट चुका है। आज से पहले रुपया 28 अगस्त 2013 को 68.80 के साथ सबसे निचले स्तर पर था।

यदि भारत की केन्द्रीय बैंक आरबीआई ने जल्द ही कोई कदम नहीं उठाए तो जल्द ही रुपया 70 पर पहुंच सकता है। यदि ऐसा रहा तो रुपये की इतनी गिरावट के कारण वर्तमान मोदी सरकार को जनता के बीच जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।