HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

मध्य प्रदेश के करीब साढ़े चार लाख स्कूली विद्यार्थियों पर ‘संकट’

27 Jul 2018
प्रायवेट स्कूलों ने नहीं जमा किया सम्बद्धता शुल्क, ‘नियमित’ की जगह ‘प्रायवेट’ हो सकते हैं लाखों विद्यार्थी

JULY 27 (WTN) – मध्य प्रदेश के करीब साढ़े चार लाख स्कूली विद्यार्थियों पर ‘संकट’ आ गया है। जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के करीब 1700 और भोपाल के डेढ़ दर्जन से ज़्यादा निजी स्कूलों के नाम माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने अपनी वेबसाइट पर ब्लॉक कर दिए हैं। इसके कारण लाखों विद्यार्थियों के सामने ‘नियमित’ से ‘प्रायवेट’ विद्यार्थी होने का संकट खड़ा हो गया है।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा कई बार मौका देने के बाद भी इन स्कूलों ने पिछले कई सालों से सम्बद्धता शुल्क जमा नहीं किया था, इसके कारण मण्डल ने प्रदेश के करीब 1700 निजी स्कूलों के नाम ‘ब्लॉक’ कर दिए हैं।

हालांकि,  माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने इन स्कूलों को आख़िरी मौका देते हुए सम्बद्धता शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख़ ‘12 अगस्त’ तक बढ़ा दी है। इस बारे में माशिम का कहना है कि जैसे ही स्कूल संचालक ऑनलाइन शुल्क जमा कर देंगे, वैसे ही स्कूल का नाम वेबसाइट पर अपलोड हो जाएगा। 

माशिम की वेबसाइट से नाम ‘ब्लॉक’ किए जाने वाले स्कूलों के संचालकों का कहना है कि माशिम ने इस साल सम्बद्धता शुल्क तो बढ़ाया ही साथ ही इसकी सूचना निजी स्कूल संचालकों को नहीं दी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्कूलों में प्रवेश का समय चल रहा है और 31 जुलाई तक नामांकन होंगे। यदि 1700 स्कूलों की सम्बद्धता समाप्त होती है, तो इनमें पढ़ने वाले करीब साढ़े चार लाख विद्यार्थियों का भविष्य अधर में हो जाएगा।

अगर ये सभी स्कूल समय रहते सम्बद्धता शुल्क जमा नहीं करते हैं, तो सभी विद्यार्थी ‘नियमित’ पढ़ाई करने के बावजूद ‘अनियमित’ हो जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी तक की सम्बद्धता के लिए माशिम में पहले 4200 रुपये जमा करने होते थे. लेकिन माशिम ने अब इसकी राशि बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दी है।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में माशिम का कहना है कि उसने किसी भी प्राइवेट स्कूलों की सम्बद्धता समाप्त नहीं की है। कई स्कूलों ने सम्बद्धता शुल्क दो से तीन सालों से जमा नहीं किया है, उनके नाम लिस्ट में ‘ब्लॉक’ कर दिए गए हैं। जैसे ही स्कूलों द्वारा सम्बद्धता शुल्क जमा कर दिया जाएगा वैसे ही उनका नाम ‘अनब्लॉक’ कर दिए जाएंगे।

गलती किसी की हो, लेकिन इसमें विद्यार्थियों के भविष्य के साथ ख़िलवाड़ नहीं होना चाहिए। जिन निजी स्कूलों ने अभी तक सम्बद्धता शुल्क जमा नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द इसे जमा कर देना चाहिए, ताकि विद्यार्थी ‘नियमित’ से ‘प्रायवेट’ ना हो पाएं।