HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

‘मीडियावार’ की तैयारी में अब कांग्रेस!

28 Jul 2018
कांग्रेस के प्रवक्ताओं और पैनलिस्ट को डिबेट में ‘आक्रामक’ होने के निर्देश

JULY 28 (WTN) - मध्य प्रदेश में लगातार 15 सालों से हार रही कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए हर ‘रणनीति’ पर विचार कर रही है। अब कांग्रेस लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ, यानि मीडिया के जरिये भाजपा को उसी की ‘भाषा’ में जवाब देने की योजना बना रही है। इसलिए अपनी बात जनता के बीच पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने प्रदेश प्रवक्ता के पद पर तेज़तर्रार नेत्री शोभा ओझा को माणक अग्रवाल की जगह पर नियुक्त किया है। 

अनुभवी नेता और मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने पार्टी प्रवक्ताओं और पैनलिस्ट को मीडिया में होने वाली बहस में ‘रणनीति’ के साथ जाने के निर्देश दिए हैं। कमलनाथ ने पार्टी प्रवक्ताओं और पैनलिस्ट से कहा है कि भाजपा के लोग जिस शैली में बहस करें, उन्हें उसी शैली में ‘जवाब’ देना होगा, तभी कांग्रेस अपनी बात जनता तक पहुंचा सकेगी।

कांग्रेस की ‘नई रणनीति’ के तहत, मीडिया विभाग से जुड़े सभी प्रवक्ताओं और पैनलिस्ट की रोज़ सुबह बैठक होगी। इस बैठक में दिन भर की गतिविधियों पर चर्चा की जाएगी, और विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी की क्या लाइन है? इस बारे में शोभा ओझा बताएंगी। अलग-अलग चैनल पर राजनीतिक डिबेट पर कौन शामिल होगा इसका फ़ैसला भी मीडिया विभाग ही करेगा। 

वर्तमान लोकसभा के सबसे अनुभवी सांसद कमलनाथ जानते हैं कि इस दौर में मीडिया के ज़रिये ही राजनीतिक दल अपनी बात जनता तक पहुंचे सकते हैं। छिन्दवाड़ा सांसद कमलनाथ के मुताबिक, ”यदि कांग्रेस मज़बूती से अपनी पक्ष मीडिया में नही रखेगी, तो भाजपा सरकार की नाकामियों को कैसे उजागर किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी जनता तक सच पहुंचाना चाहती है, ताकि जनता सच का साथ दे सके। हमें अपनी लड़ाई आक्रामकता के साथ लड़ना होगी।“

कांग्रेस ने अपने प्रवक्ताओं और पैनलिस्ट को साफ़ कर दिया है कि वे मीडिया में डिबेट के दौरान ‘पूरी तैयारी’ के साथ जाएं, ताकि भाजपा और न्यूज़ एंकर के साथ बहस में ‘मज़बूती’ के साथ पार्टी का पक्ष रखा जा सके। इसके लिए प्रवक्ताओं को डिबेट के लिए तैयार करने के लिए ‘अनुसंधान’ की भी व्यवस्था की जाएगी।

मोदी-शाह-शिवराज की तिकड़ी से जीतने के लिए कांग्रेस जानती है कि मीडिया के साथ सम्बन्ध बनाए रखना काफी ज़रूरी है, क्योंकि मीडिया के ज़रिये ही कांग्रेस की चुनावी गतिवधियों की जानकारी और उसके विचार जनता तक पहुंच पाएंगे। इसलिए मीडिया को ‘महत्व’ देते हुए कांग्रेस ने फ़ैसला लिया है कि हर महीने में दो बार पार्टी अध्यक्ष मीडिया के साथ चर्चा करेंगे। इतना ही नहीं, हर रोज़ के महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का बयान मीडिया विभाग जारी करेगा। 

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों के लिए ही ‘लिटमस टेस्ट’ के समान हैं। लगातार 15 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस ज़मीनी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ मीडिया के ज़रिये भी भाजपा को घेरने की रणनीति में हैं। लेकिन देखना होगा कि वो अपने इस मकसद में कितना कामयाब हो पाती है?