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मध्य प्रदेश में महालेखाकार के पत्र से ‘उड़ी नींद’

03 Aug 2018
केन्द्रीय योजनाओं की राशि पर महालेखाकार के ‘कड़े सवाल’ 

AUG 03 (WTN) – कई बार ख़बरें सामने आती रही हैं कि मध्य प्रदेश में केन्द्र सरकार की योजनाओं की गति धीमी है, या फिर केन्द्र सरकार की योजनाओं सही तरीके से लागू नहीं हो पा रही हैं। इसका कारण क्या है? यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन मध्य प्रदेश के महालेखाकार ने केन्द्र सरकार की योजनाओं की धनराशि के बारे में कड़ी आपत्ति जताई है। जिसके बाद राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।

महालेखाकार ने मध्य प्रदेश के वित्त विधाग को पत्र लिखकर नाराज़गी जताते हुए लिखा है, “राज्य सरकार के कई विभागों ने केन्द्रीय योजनाओं को लागू करने के लिए मिलने वाली धन राशि को कोषालय से निकालकर विभाग के बैंक खातों में जमा कर दिया है।“

महालेखाकार की इस विषय में कड़ी आपत्ति और पत्र के बाद वित्त विभाग ने सम्बन्धित सभी विभागों से इस बारे में जानकारी मांगी है कि 31 मार्च 2018 तक कोषालय से कितना पैसा बैंकों में जमा किया और कहां खर्च किया गया।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के महालेखाकार ने कहा है, “कई विभाग केन्द्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को लागू करने के लिए उन्हें आवंटित किए गए पैसों को कोषालय से निकालकर बैंक में जमा कर रहे हैं, और यहां से पैसा खर्च किया जा रहा है।“ 

इस तरह कोषालय से पैसों को निकालकर बैंकों में जमा करने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए महालेखाकार ने पूछा है, “यदि वित्त विभाग ने इस प्रकार बैंक खातों से लेन-देन के लिए निर्देश दिए हैं, तो इसकी पूरी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।“

बड़ा सवाल यह उठता है कि विभागों ने कोषालय का पैसा बैंकों में आखिर क्यों जमा किया? और ऐसा करने के लिए किसने आदेश दिया? कहा तो यह भी जा रहा है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि राज्य सरकार के विभाग केन्द्रीय योजनाओं की धनराशि किसी अन्य योजनाओं में खर्च कर रहे हों?

इस पूरे मामले में कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने अपने ट्वीट में राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। चतुर्वेदी ने अपने ट्वीट में लिखा है, “महालेखाकार ने मध्य प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। मध्य प्रदेश का खजाना खाली है और केन्द्र की नीधियों से खर्च किया जा रहा है। इधर की रकम उधर डाली जा रही है।“ 

महालेखाकार की कड़ी आपत्ति और जानकारी मांगे जाने के बाद माना जा रहा है कि विपक्ष को चुनाव से पहले बड़ा मुद्दा हाथ लग गया है। कुछ दिनों पहले ख़बर आई थी कि मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति सही नहीं है और हालात ठीक नहीं हुए तो कर्मचारियों को वेतन तक देना मुश्किल पड़ जाएगा। अब देखना होगा कि इस मामले में क्या प्रतिक्रिया राज्य सरकार की ओर से आती है।