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​क्या आप जानते हैं कि कैसे काम करता है एअरबैग?

04 Aug 2018
सेकेण्ड के 20वे हिस्से में खुल जाता है एअरबैग!
 
AUG 04 (WTN) – आप कई बार सोचते होंगे कि आखिर कार में लगे एअरबैग काम कैसे करते हैं ? यदि आप नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं। विदेश के कई देशों में कार के साथ एअरबैग को जरूरी कर दिया है। भारत में भी कई कारों में एअरबैग आते हैं। एबीएस, ब्रेक के साथ ही एअरबैक कार का एक महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर है।
 
दुर्घटना के समय एअरबैग एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। एअरबैग कार के कई हिस्सों में लगा हो सकता है। आजकल कई तरह के एअरबैग आते हैं जो कि कार के अलग-अलग हिस्सों में लगे हो सकते हैं, जैसे कि कार की स्टियरिंग, व्हील, दरवाजे, डैशबोर्ड और छत आदि पर। एयरबैग कॉटन का बना होता है और इस पर सिलिकॉन की कोटिंग की जाती है।
 
जब कार की दुर्घटना होती है तो एअरबैग फूल जाता है, क्योंकि इसमें नाइट्रोजन गैस भर जाती है। कार की दुर्घटना की स्पीड के अनुसार ही एअरबैग खुलता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जैसी ही दुर्घटना होती है, कार का एक्सिलेरोमीटर सर्किट सक्रीय हो जाता है और सर्किट एक इलेक्ट्रिकल करण्ट भेजता है जिससे आगे लगा सेंसर एअरबैग को सिग्नल देता है और एक सेकेण्ड से भी कम समय में लगभग 320 किमी/घण्टे की रफ़्तार से बंद एअरबैग फूलता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिना सीट बील्ट बांधे एअरबैग नहीं खुलता है। दुर्घटना के वक़्त सीट बेल्ट यदि आप नहीं पहने हैं तो एअरबैग नहीं खुलेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई कार निर्माता कम्पनियां एअरबैग बदलने के लिए एक समय सीमा तय करती हैं। यह बहुत कुछ एअरबैग इग्नाइटर पर निर्भर करता है।
 
अगर किसी कारण से एअरबैग खुल जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है तो उसे जल्द से जल्द ठीक करा लें। एक बात और ध्यान रखें, कभी चाइल्ड सीट को एअरबैग के सामने ना रखें। कोशिश करें कि 14 साल या उससे कम उम्र के बच्चों को आगे की सीट पर ना ही बैठाएं। क्योंकि एअरबैग खुलने की स्थिति में बच्चे एअरबैग की चोट से घायल हो सकते हैं।