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मध्य प्रदेश कांग्रेस में ‘एकता’ के ‘प्रयास’!

04 Aug 2018
कांग्रेस में ‘एकता’ की अलख जगाने की दिग्विजय सिंह की ‘कोशिश’

AUG 04 (WTN) – मध्य प्रदेश कांग्रेस में ‘गुटबाजी’ किसी से भी छिपी नहीं है। पिछले 15 सालों से मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हार रही कांग्रेस में अभी भी गुटबाजी से इनकार नहीं किया जा सकता है। कहा जाता है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस को भाजपा नहीं बल्कि कांग्रेस की ‘गुटबाजी’ हराती है।

लगातार दस सालों तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने इन दिनों मध्य प्रदेश कांग्रेस में ‘एकता’ की ‘जिम्मेदारी’ उठा रखी है। मध्य प्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह का कहना है कि उनकी एकता यात्रा का असर विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा। 

जैसा कि आपको याद होगा कि कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कथित रूप से दिग्विजय सिंह को ‘देशद्रोही’ कहा था। इधर, शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा सरकारी मशीनरी करा रही है।
 
ऐसा पहली बार नहीं है कि कांग्रेस में एकता के प्रयास हो रहे हों। इससे पहले भी कई बार केन्द्रीय स्तर पर भी मध्य प्रदेश कांग्रेस में एकता के प्रयास किए गये, लेकिन उसका कुछ असर दिखाई नहीं दिया। अभी कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया के साथ जिस तरह से सतना में बदसलूकी और कथित मारपीट की घटना सामने आई है उससे तो नहीं लगता है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में एकता है।

कहा जाता है कि खुद दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच आपसी खींचतान चलती रहती है। कई बार दोनों ही नेताओं के समर्थकों के बीच नारेबाजी हो चुकी है। ऐसे में जबकि खुद दिग्विजय सिंह पर गुटबाजी के आरोप लगते रहे हैं तो देखना होगा कि वे कांग्रेस में कितनी एकता ला सकेंगे।