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जानिए, सूई क्यों डूबती है और जहाज क्यों तैरता है?

07 Aug 2018
आर्कमिडीज के सिद्धांत में है आपके सवाल का जवाब

AUG 07 (WTN) – आप कई बार सोचते तो होंगे कि आखिर सूई जैसी हल्की सी वस्तु तो पानी में डूब जाती है, लेकिन कैसे इतने बड़े-बड़े भारी पानी के जहाज समुद्र में तैरते रहते हैं? लोहे की सूई तो पानी में तुरन्त ही डूब जाती है, लेकिन पानी के जहाज हजारों किलोमीटर तक एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक तैरते चले जाते हैं। चलिए आपकी इस जिज्ञासा को हम शांत किये देते हैं।

दरअसल सूई के डूबने और पानी के जहाज के तैरने के पीछे काम करता है महान वैज्ञानिक आर्कमिडीज का सिद्धांत। चलिए पहले आपको बताते हैं कि आखिर आर्कमिडीज का सिद्धांत क्या है? आर्कमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी द्रव में आंशिक या पूर्ण रूप से डूबाई जाती है तो उसके भार में आभासी कमी आ जाती है। भार में आभासी कमी वस्तु द्वारा हटाये गये द्रव के बराबर होती है। 

अब आप सोच रहे होंगे कि आर्कमिडीज के सिद्धांत का सूई के डूबने और जहाज के तैरने से क्या सम्बन्ध है? दरअसल, जब सूई को पानी में डाला जाता है तो सूई द्वारा हटाए गये पानी का भार सूई से कम होता है इसलिए सूई डूब जाती है। जबकि लोहे के जहाज के द्वारा हटाए गये पानी का भार जहाज के भार से ज्यादा होता है इसलिए जहाज तैरता रहता है।