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मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अटलजी के ‘सहारे’ भाजपा

18 Aug 2018
अटलजी लगाएंगे बेड़ा पार!

AUG 18 (WTN) – लगता है मध्य प्रदेश में भाजपा की चुनावी नैया अटलजी ही पार लगाएंगे। चुनाव के काफी पहले आए कुछ ओपिनियन पोल में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति बेहतर होने की बात सामने आने के बाद भाजपा में चिंता की लहर है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा के अंदरूनी सर्वे के मुताबिक भी काफी वर्तमान विधायक जीतने की हालत में नहीं हैं। यदि ऐसा रहा तो लगातार 15 सालों से सत्ता सुख भोग रही भाजपा के लिए आने वाले विधानसभा चुनाव बड़ी परीक्षा साबित होंगे। ऐसे में भाजपा ने दिवंगत अटलजी के सहारे चुनावी नैया पार लगाने की योजना बनाई है।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी पर मध्य प्रदेश भाजपा साठ दिनों की कार्य योजना की तैयारी कर रही है। इस योजना में पार्टी एक प्रस्ताव केंद्रीय स्तर पर भेज रहा है, जिसमें स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़े पहलुओं को आम जनता को दिखाया जाएगा।

इस बारे में भाजपा का कहना है कि इस यात्रा का मकसद अटलजी के जन्म स्थल से लेकर इंदौर, भोपाल, विदिशा समेत प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर अटलजी की स्मृतियों को सभी तक पहुंचाना है। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म मध्य प्रदेश में ही 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। अटलजी के तीन भाई और तीन बहनें थीं। अटलजी के पिता पण्डित कृष्ण बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश आ गए थे। वो ग्वालियर रियासत में शिक्षक थे। अटलजी का बचपन मध्य प्रदेश में ही गुजरा है जिसका उल्लेख हमेशा खुद अटलजी करते रहते थे। कई बार उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश से उनका खास लगाव है।

माना जा रहा है कि भाजपा अटलजी की यादों के सहारे मध्य प्रदेश के मतदाताओं की सहानुभूति हासिल करना चाहती है। मध्य प्रदेश के साथ अटलजी का चूंकि जन्म से ही सम्बन्ध रहा है, इसलिए भाजपा की पूरी कोशिश होगी कि अटलजी की स्मृतियों के सहारे चुनाव में फायदा उठाया जा सके। अब देखना होगा कि भाजपा की यह कार्ययोजना कितनी सफल रहती है।