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चीन बसाएगा पाकिस्तान में ‘अपनी बस्ती’

21 Aug 2018
अपने 5 लाख को पाकिस्तान में बसाएगा चीन, ग्वादर में बनाएगा ‘चीनी बस्ती’

AUG 21 (WTN) – पाकिस्तान धीरे-धीरे चीन की गिरफ्त में आता जा रहा है। जैसा कि आप जानते हैं कि पाकिस्तान कर्ज में डूबा हुआ है, और उसके आर्थिक हालात इतने खराब हैं कि अब धीरे-धीरे पूरी तरह से चीन पर निर्भर हो चुका है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की इसी दयनीय हालत का फायदा उठाते हुए चीन अब पाकिस्तान में अपनी ‘बस्ती’ बसाने जा रहा है।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, चीन सीपीईसी प्रोजेक्ट के तहत ग्वादर में अपनी ‘कॉलोनी’ बसाने जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस ‘कॉलोनी’ में करीब पांच लाख चीनी नागरिक रहेंगे। यह दक्षिण एशि‍या में चीन का इस तरह का ‘पहला शहर’ होगा। इससे पहले चीन, अफ्रीका और मध्य-एशिया में विभिन्न योजनाओं के तहत काम करने वाले अपने नागरिकों के लिए ऐसी ‘बस्तियां’ बसा चुका है।

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के बंदरगाह शहर ग्वादर में बनाए जा रहे ‘आवासीय क्षेत्र’ में सिर्फ चीनी नागरिक ही रहेंगे, जो यहां फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में काम करेंगे। पाकिस्तान की ज़मीन पर बनने जा रही इस चीनी रिहायशी ‘कॉलोनी’ में 2022 से चीन के नागरिकों के रहने की उम्मीीद जताई जा रही है।

पाकिस्तान पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए चीन करीब 15 करोड़ डॉलर की लागत से अपनी इस 'बस्ती ' का निर्माण करने जा रहा है। इस ‘बस्ती’ को बसाने के लिए 36 लाख वर्ग फुट इंटरनेशनल पोर्ट सिटी की जमीन खरीदी गई है, जिसे चाइना-पाक इंवेस्टमेंट कॉरपोरेशन ने खरीदा है।

चीन की ‘विस्तारवादी’ नीति को पूरी दुनिया जानती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रूस और म्यांमार के कुछ इलाकों में भी चीन द्वारा इसी तरह की योजनाओं के तहत कब्जा कर लिए जाने के आरोप हैं। ऐसा नहीं है कि चीन की इस ‘बस्ती’ का विरोध नहीं है। चीन की ऐसी परियोजनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा है। 

चीन आर्थिक क्षेत्र में भी पूरी दुनिया पर धाक जमाना चाहता है, इसलिए चीन ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के मद्देनजर यहां कई क्षेत्रों में निवेश किया है। वहीं सीपीईसी के तहत चीन की 39 में से 19 परियोजनाएं या तो पूरी हो गई हैं या उन पर काम चल रहा है। विश्व व्यापार के जानकारों का मानना है कि अगर चीन का यह प्रोजेक्ट सफल हो जाता है तो आर्थिक दृष्टिकोण से दुनिया में उसकी धाक बढ़ जाएगी।

चीन की पाकिस्तान में ‘बस्ती’ बसाने की योजना से भारत को चिंतित होने की जरूरत है। सीपीईसी का उद्देश्य ही भारत को घेरना है। चीन भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान, नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीप के सहारे भारत को घेरने के लिए दीर्घकालीन योजना बना रहा है। भारत के पड़ोसी देशों की गरीबी का फायदा उठाकर चीन इन देशों को कर्ज देकर इन्हें अपने पाले में करने की काफी समय से कोशिश कर रहा है। अब देखना होगा कि चीन की पाकिस्तान में ‘बस्ती’ बसाने की योजना पर भारत का क्या रुख रहता है।