जानिए आख़िर क्यों ‘पटरी से उतरी’ शिवराज सरकार की तीर्थ दर्शन योजना
SEP 20 (WTN) – भुगतान नहीं तो यात्रा नहीं, जी हां ऐसा ही कुछ कह दिया है आईआरसीटीसी ने मध्य प्रदेश सरकार से। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी तीर्थ दर्शन योजना को आईआरसीटीसी ने लाल सिग्नल दिखा दिया है। बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा पर ले जाने वाली शिवराज सरकार की तीर्थ दर्शन योजना पर ‘ब्रेक’ लग गया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह पूरा मामला समय पर भुगतान का है। आईआरसीटीसी ने मध्य प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर साफ़ कर दिया है कि जब तक राज्य सरकार द्वारा 80 करोड़ रुपये का बकाया नहीं चुकाया जाएगा, तीर्थ दर्शन योजना के लिए रैक नहीं मिलेगा।
चुनाव से ठीक पहले आईआरसीटीसी ने तीर्थ दर्शन योजना की गाड़ी को रेड सिग्नल दिखाकर शिवराज सरकार को बड़ा झटका दिया है। तीर्थ दर्शन योजना के द्वारा शिवराज सिंह चौहान बुजुर्गों के वोट बैंक पक्का करने की पूरी कोशिश में रहते हैं। समय-समय पर बुजुर्गों को अनके धर्म के अनुसार तीर्थ यात्रा कराई गई हैं। भाजपा के परम्परागत वोट बैंक में यह योजना काफ़ी लोकप्रिय रही है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, आईआरसीटीसी ने अपने पत्र में मध्य प्रदेश सरकार को लिखा है कि साल 2018-19 में 30 सितम्बर तक 125 ट्रेनों को चलाया जाना था। राज्य सरकार ने रेलवे को 5 जुलाई तक चलाई गई 60 ट्रेनों का 78 करोड़ रुपये पेमेंट कर दिया है। लेकिन 30 सितम्बर तक चलाई जाने वाली कुल 65 ट्रेनों का 80 करोड़ रुपए का पेमेंट अभी तक सरकार पर बकाया है।
अब जबकि आईआरसीटीसी ने पेमेंट ना होने पर आगे रैक देने से मना कर दिया है, ऐसे में शिवराज सरकार की तीर्थ दर्शन योजना खटाई में पड़ गई है। यदि समय रहते सरकार ने भुगतान नहीं किया तो आईआरसीटीसी रैक नहीं देगा, यदि ऐसा रहा तो मध्य प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को बीच में ही रोकना पड़ेगा। यदि ऐसा होता है तो चुनावी साल में यह भाजपा के लिए अपने वोट बैंक को नाराज़ करना होगा।
वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस समय राज्य सरकार की आर्थिक हालत खस्ता चल रही है। बड़ी मुश्किल से कर्मचारियों के वेतन का भुगतान हो पा रहा है। ऐसे में वोट जुगाड़ु तीर्थ दर्शन योजना पर यदि भुगतान ना होने के कारण ब्रेक लगता है तो यह शिवराज सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन की तरफ ही इशारा करता है।