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अंकशास्त्र से जानिए अंक दो में जन्में जातकों का स्वभाव और भाग्य

26 Sep 2018
सोच समझकर व्यापार करें अंक दो में जन्में जातक

SEP 26 (WTN) – आइये अंकशास्त्र के अनुसार जानते हैं कि अंक दो में जन्में लोगों का भाग्य कैसा रहता है। अंक दो के जातकों का स्वामी चन्द्रमा होता है। देखा गया है कि इस अंक में जन्में व्यक्ति बहुत ही कल्पनाशील और आदर्शवादी होते हैं, यानि के ऐसे लोग हमेशा सपनों में ही खोए रहते हैं। अंकशास्त्र के अनुसार अंक दो में जन्में लोग, 21 अक्तूबर से 20 नवम्बर और 19 फरवरी से 20 मार्च के बीच जन्में व्यक्तियों की ओर स्वभाविक रूप से आकर्षित होते हैं। अंक दो में जन्में लोग 2, 4 और 6 अंक द्वारा शासित व्यक्तियों से भी प्रभावित रहते हैं।
 
अंकशास्त्र के अनुसार अंक दो में जन्में लोग बुद्धिजीवी तथा रचनात्मक व्यक्तियों की ओर भी आकर्षित होते हैं। इनका व्यापार के मामले में औसत सफलता ही मिलती है। इन्हें सलाह है कि यदि ये अपनी कल्पनाशीलता का उपयोग नित नए प्रयोग करने में करेंगे तो इनकी आर्थिक स्थिति बहुत मज़बूत हो सकती है।

इस अंक में जन्में लोग उदार, करूणामय और निश्छल भाव के होते हैं। ये लोग हमेशा दूसरों का और उनकी भावनाओं का पूरा ख़्याल रखते हैं। अंक दो में जन्में लोग परिस्थितियों को बड़े ध्यान से देखते
और परखते हैं। इनको व्यवस्थित रहना और सफ़ाई काफ़ी पसंद है।
 
इन्हें जिन लोगों के साथ रहना पसंद नहीं आता है ये ऐसे लोगों के साथ रहने की बजाए अकेले ही रहना पसंद करते हैं। अंक दो में जन्में लोगों को प्रकृति से बड़ा प्यार होता है। ये लोग सुन्दरता की तरफ़ जल्द आकर्षित होते हैं। ये लोग इतने संतोषी प्रवृत्ति के होते हैं कि इन्हें सामान्य सी बातों में ही खुशी मिल जाती है। लेकिन हमारी आपको सलाह है कि दूसरे आपके सीधेपन का फ़ायदा ना उठा लें इसलिए ऐसे लोगों से सावधान रहें।