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अंकशास्त्र के अनुसार जानिए तीन अंक के जातकों का स्वभाव और भाग्य

27 Sep 2018
अंक तीन में जन्में लोगों का स्वामी है बृहस्पति, जो इन्हें बनाता है न्यायशील और आदर्शवादी

SEP 27 (WTN) – आज हम आपको बताते हैं कि अंकशास्त्र के अनुसार अंक तीन के जातकों का स्वभाव और भाग्य कैसा रहता है। अंक तीन में जन्में जातकों का शुभ दिन मंगलवार होता है और इनका स्वामी बृहस्पति है। इनका अंकस्वामी बृहस्पति ही इन्हें आदर्शवादी, न्यायशील और दयालु बनाता है। अंक तीन में जन्में जातक 21 जून से 20 जुलाई और 21 अक्तूबर से 20 नवम्बर के मध्य जन्में व्यक्तियों की ओर स्वभाविक रूप से आकर्षित होते हैं, साथ ही अंक 3, 6, 7 और 9 द्वारा शासित व्यक्तियों से भी इनकी काफ़ी निकटता होती है।
 
अंकशास्त्र के अनसार इस अंक के जातक धन के मामले में बहुत ही भाग्यशाली रहते हैं। इनको अपने जीवन में बुलन्दियों तक जाने के लिए काफ़ी अवसर मिलते हैं। इन लोगों की महत्वाकांक्षा, नेतृत्व क्षमता और लगन इन्हें व्यवसायिक जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहती है।
 
ये लोग जीवन में बहुत ही भाग्यशाली होते हैं। इन्हें जो पसंद आता है उसे ये हासिल कर ही लेते हैं। अंक तीन में जन्में लोग न्यायाधीश, चिकित्सक, पुजारी, अध्यापक और दार्शनिक आदि होते हैं। इनका व्यवसाय या नौकरी ऐसी होती है जिसके कारण इनका वास्ता ज़्यादातर जनता से ही पड़ता है।
 
तेज़ बुद्धि और आकर्षित व्यक्तित्व के कारण इनके बहुत से मित्र होते हैं। अंक तीन में जन्में जातक अपने आप को बहुत ही जल्द परिस्थितियों में ढाल लेते हैं। देखा गया है कि इन लोगों में काफ़ी बहुमुखी प्रतिभा होती है, लेकिन अपने कैरियर विकल्प के बारे में थोड़ी उलझन में भी पड़ जाते हैं। ये लोग सभी के साथ काफ़ी विनम्रता के साथ पेश आते हैं। इनमें आत्मविश्वास बहुत होता है और ये लोग आत्मनिर्भर रहना पसंद करते हैं।