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पाकिस्तान की चीन को ‘ना’!

02 Oct 2018
चीन के महत्वाकांक्षी रेल प्रोजेक्ट के बजट में पाकिस्तान ने की कटौती

OCT 02 (WTN) – चीन अपनी विस्तारवादी नीति के लिए पूरी दुनिया में कुख्यात है। भारत को घेरने के लिए चीन पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों को अपनी तरफ़ करने के लिए कर्ज़ा दे रहा है, लेकिन धीरे-धीरे ये देश चीन की कर्ज़ नीति में फंसते जा रहे हैं। भारत के पड़ोसी देशों में चीन के सबसे क़रीबी पाकिस्तान को लगता है कि अब एहसास हो रहा है कि वो चीन की कर्ज़ जाल की नीति में फंस चुका है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान सरकार ने सिल्क रोड रेल सम्बन्धित प्रोजेक्ट में 2 बिलियन डॉलर की कटौती करने का फ़ैसला किया है।
 
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, इस बारे में पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद अहमद का कहना है, “उनका देश ग़रीब है और भारी भरकम कर्ज़ को उनका देश सहन नहीं कर पाएगा।“ जानकारी के अनुसार चीन की जिस रेल प्रोजेक्ट में दिलचस्पी है उसका पूरा खर्च लगभग 6.2 बिलियन डॉलर था। लेकिन अब पाकिस्तान का कहना है कि वो इसमें 2 बिलियन डॉलर की कटौती चाहता है क्योंकि अब पाकिस्तान अपने किसी प्रोजेक्ट पर अपनी ज़रूरतों के मुताबिक़ ही आगे बढ़ेगा।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ब्रिटिश काल में कराची से लेकर पेशावर तक लगभग 1872 किलोमीटर लम्बी रेल लाइन बिछाई गई थी। चीन अब उसके विस्तार और पुनर्निमाण में दिलचस्पी दिखा रहा था इसलिए उसने इस प्रोजक्ट में निवेश करने का फ़ैसला किया था। लेकिन समय-समय पर कई वज़हों से यह प्रोजेक्ट लटका रहा है।
 
पाकिस्तान में इमरान खान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद इमरान खान ने साफ़ कर दिया था कि वे चीनी निवेश का बारीक़ी से निरीक्षण करने के बाद ही कोई ठोस फ़ैसला करेंगे। इधर अमेरिका ने पहले ही पाकिस्तान को चीन के बारे में चेतावनी देते हुए कह दिया है कि चीन का वन बेल्ट, वन रोड प्रोजेक्ट बस एक औपनिवेशिक विस्तार है। अमेरिका का आरोप है कि चीन विकास की आड़ में अलग-अलग देशों को अपना उपनिवेश बनाना चाहता है।
 
भारत को सामरिक और आर्थिक रूप से घेरने के लिए चीन भारत के पड़ोसी देशों को किसी ना किसी तरह से अपनी तरफ़ करने की कोशिश करता रहता है। चीन ने पाकिस्तान में सीपीईसी के ज़रिये विकास का सपना तो उसे दिखाया है, धीरे-धीरे ही सही, लेकिन पाकिस्तान को समझ में आता जा रहा है कि वो चीन की कर्ज़ नीति में फंसता जा रहा है और चीन उसका उपयोग भारत को घेरने के लिए एक उपनिवेश के रूप में करेगा। ख़ैर देखना होगा कि आख़िर पाकिस्तान सरकार चीन की विस्तारवादी नीति से कैसे निपटता है।