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विश्लेषण: क्या आने वाले दिनों में सस्ता होगा पेट्रोल-डीज़ल?

08 Oct 2018
ब्रेंट क्रूड सस्ता होने और ईरान से भारतीय मुद्रा में कच्चा तेल आयात होने से मिल सकता है लाभ

OCT 08 (WTN) – इन दिनों पेट्रोल और डीज़ल के दाम पर सभी की निगाहें लगी हुईं हैं। लगातार बढ़ते तेल के दामों के कारण केन्द्र सरकार को काफ़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था जिसके बाद कुछ दिनों पहले केन्द्र सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल के दाम 2.5 रुपए प्रति लीटर घटाए थे। जिसके बाद भाजपा शासित कई राज्यों ने भी अपने यहां पर पेट्रोल और डीज़ल दाम कम किये थे जिसके बाद तेल के दाम पांच रुपये प्रति लीटर तक काम हो गये थे।
 
लेकिन तेल के दाम कम होने का फ़ायदा आम जनता को कम ही मिल सका और पिछले तीन दिनों में पेट्रोल के भाव 53 पैसे और डीजल के भाव 87 पैसे प्रति लीटर बढ़ चुके हैं। लेकिन जानकारी के मुताबिक़, कमज़ोर विदेशी संकेतों से घरेलू वायदा बाज़ार में कच्चे तेल के दाम में नरमी आई है और आशा की जा रही है कि आने वाले दिनों में तेल के दाम कम हो सकते हैं।
 
जानकारी के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल के दाम में गिरावट दर्ज़ की गई है। जानकारों का मानना है कि यह गिरावट आगे भी जारी रह सकती है और यदि ऐसा रहा तो ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ सकता है जिससे पेट्रेल-डीज़ल के दाम और भी कम हो सकते हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान कच्चे तेल का अक्टूबर वायदा अनुबंध 82 रुपए यानी कि क़रीब 1.48 प्रतिशत लुढ़ककर 5,464 रुपए प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था। इससे पहले इस अनुबंध में 5,455 रुपए प्रति बैरल तक की गिरावट दर्ज की गई थी।
 
इधर, ब्रेंट क्रूड का दिसम्बर वायदा अनुबंध कल यानि सोमवार को इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज यानी आईसीई पर 0.85 डॉलर यानी 1.01 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 83.31 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड आईसीई पर 86 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया था। इधर चार नवम्बर से ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंध लागू होने जा रहे हैं जिसका असर भारत पर पड़ने के आसार हैं, लेकिन भारत सरकार ने साफ़ कर दिया है कि वो ईरान से तेल आयात करता रहेगा।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इराक़ और सऊदी अरब के बाद भारत सबसे ज़्यादा तेल ईरान से ही आयात करता है। दूसरी ख़ास बात है कि कच्चे तेल को ईरान से भारत लाने की क़ीमत दूसरे देशों के मुक़ाबले कम है इतना ही नहीं, अरब जैसे खाड़ी देशों के मुक़ाबले ईरान भुगतान के लिए ज़्यादा समय देता है। इतना ही नहीं, अमेरिकी प्रतिबंध के बाद ईरान भारत से भारतीय मुद्रा में भुगतान लेने के लिए भी तैयार है।
 
अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भी भारत ने ईरान से तेल ख़रीदने का फ़ैसला किया है और दोनों देशों के बीच तेल का यह व्यापार भारतीय मुद्रा में होगा। ऐसा होने से आने वाले समय में भारत में पेट्रोल और डीज़ल सस्ता होने के आसार है। कहा जा रहा है कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में आने वाले दिनों में ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम भी काफ़ी कम हो सकते हैं तो ऐसे में देश के लोगों को आने वाले समय में सस्ते में पेट्रोल-डीज़ल मिल सकता है।