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रेलवे स्टेशन पर ज़ल्द बंद हो जाएंगे एएच व्हीलर बुक स्टॉल्स!

16 Oct 2018
बुक स्टॉल की जगह होंगे मल्टी पर्पस स्टॉल, एक ही जगह मिलेंगी क़िताबें, दवा और पैक्ड फूड आइटम

OCT 16 (WTN) - आपने ट्रेन से सफ़र करते समय रेलवे स्टेशन पर एएच व्हीलर के बुक स्टॉल जरूर देखे होंगे। लेकिन अब रेलवे इन बुक स्टॉल्स की विदाई की योजना बना रहा है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, रेलवे बोर्ड ने एएच व्हीलर को हटाने के लिए पॉलिसी बनाई है। रेलवे का तर्क है कि एएच व्हीलर बुक स्टॉल की जगह पर मल्टी पर्पस स्टोर बनाएं जाएंगे जिससे यात्रियों को लाभ होगा। लेकिन रेलवे के इस कदम का एएच व्हीलर ने विरोध किया है।
 
जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड की योजना है कि पूरे भारत में स्टेशन पर सभी स्टॉल्स को मल्टी पर्पस स्टॉल बनाया जाए जिसें यात्रियों को सभी सुविधाएं एक साथ मिल सके। इन स्टॉल्स में किताब, मैगजीन, न्यूज़ पेपर्स के साथ-साथ दवाई, पानी की बॉटल, चिप्स, बिस्किट और दूध का पाउडर जैसे सामान बेचे जाएंगे। लेकिन अभी ऐसा नहीं है, अभी क़िताबों के लिए एक अलग से स्टोर है को वहीं खाने-पीने के सामान और कई जगह दवाई के लिए भी स्टेशन पर अलग-अलग स्टोर हैं। रेलवे का तर्क है कि एक ही स्टॉल में सारा सामान मिलने से स्टेशन पर जगह खाली होगी और इससे यात्रियों को सुविधा होगी।
 
लेकिन रेलवे की इस लागू होने वाली पॉलिसी का विरोध होना शुरू हो गया है। एएच व्हीलर स्टॉल के मालिकों के अनुसार यदि उनके स्टॉल बंद किये जाते हैं या फ़िर उन्हें मल्टी पर्पस बनाया जाता है तो इससे उन्हें नुकसान होगा। जानकारी के मुताबिक़ अभी एएच व्हीलर अपने सालाना टर्नओवर का पांच प्रतिशत रेलवे को फीस के तौर पर देते हैं। लेकिन नई गाइड लाइंस के अनुसार उनको अपने टर्नओवर का 12 प्रतिशत देना होगा इसका भी विरोध एएच व्हीलर ने शुरू कर दिया है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एएच व्हीलर का रेलवे स्टेशन पर पहला स्टॉल इलाहाबाद में साल 1877 में खुला था। आर्थर हेनरी व्हीलर एक अंग्रेज अधिकारी था जिसने रिटायर होने के बाद इंग्लैण्ड में बुक स्टोर्स की एक श्रृंखला खोली जिसका नाम रखा ए.एच. व्हीलर बुक स्टोर्स रखा गया। आर्थर हेनरी व्हीलर के बाद इसको उनके दामाद मार्टिन ब्रांड ने इसे सम्हाला और भारत में टी.के.बनर्जी के साथ मिलकर महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर बहुत सारे बुक स्टोर्स खोले।