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राहुकाल में ना करें कोई भी शुभ कार्य प्रारम्भ

18 Oct 2018
रविवार, मंगलवार और शनिवार को ज़्यादा असर पड़ता है राहुकाल का

OCT 18 (WTN) – जैसा कि हमने आपको बताया था कि हिन्दू ज्योतिष परम्परा के अनुसार राहुकाल का समय अशुभ माना जाता है और दौरान कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। मान्यता है कि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक के समय में से आठवें भाग का स्वामी राहु होता है और इसे ही राहुकाल कहा जाता है। हर दिन 90 मिनट का एक निश्चित समय होता है, जिसे राहुकाल कहा जाता है। राहुकाल का समय किसी स्थान के सूर्योदय और वार पर निर्भर करता है।
 
यदि किसी स्थान विशेष पर सूर्योदय का समय 6 बजे मान लिया जाए तो रविवार से लेकर शनिवार तक राहुकाल का क्या समय रहेगा यह हम आपको बताते हैं। रविवार को शाम 4.30 से 6.00 बजे तक, सोमवार को सुबह 7.30 से 9 बजे तक, मंगलवार को दोपहर 3.00 से 4.30 बजे तक, बुधवार को दोपहर 12.00 से 1.30 बजे तक, गुरुवार को दोपहर 1.30 से 3.00 बजे तक, शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे से 12 बजे तक और शनिवार को सुबह 9 बजे से 10.30 बजे तक के समय को राहुकाल माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि राहुकाल का अधिक प्रभाव रविवार, मंगलवार और शनिवार को पड़ता है बाकि के दिनों में राहुकाल का प्रभाव विशेष नहीं होता है।
 
आइये अब आपको बताते हैं कि राहुकाल के दौरान क्या नहीं करना चाहिए। राहुकाल के दौरान किसी भी शुभ कार्य को शुरू नहीं किया जाता यानि कि कोई भी नया व्यापार व्यवसाय का शुभारम्भ भी नहीं किया जाता है। इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण काम के लिए यात्रा भी नहीं करना चाहिए। साथ ही इस दौरान किसी भी तरह का कोई भी यज्ञ नहीं करना चाहिए। राहुकाल के दौरान खरीदी-बिक्री भी नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे हानि भी हो सकती है। इस दौरान विवाह, सगाई, धार्मिक कार्य या गृह प्रवेश जैसे कोई भी मांगलिक कार्य किये जाते हैं।
 
कहा जाता है कि राहुकाल में शुरू किया गया कोई भी शुभ कार्य बिना बाधा के पूरा नहीं होता। राहुकाल के विषय में मान्यता हैं कि इस समय प्रारम्भ किए गए कार्यों में सफलता के लिए अत्यधिक प्रयास करने पड़ते हैं और कामों में बिना कारण के दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। या तो ये काम पूरे नहीं होते हैं या फ़िर अधूरे ही रह जाते हैं। इसलिए पूरी कोशिश करें कि इस दौरान कोई भी शुभ कार्य प्रारम्भ नहीं करें।