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सावधान! खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को 'शह' देता पाकिस्तान

24 Nov 2018
आईएसआई की मदद से फ़िर से खालिस्तान आंदोलन को हवा देता पाकिस्तान

NOV 24 (WTN) – भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान हमेशा से ही भारत विरोधी गतिविधियों में सम्मिलित रहा है। पूरी दुनिया जानती है कि भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान बाक़ायदा आतंकियों को प्रशिक्षण तक देता है। लेकिन अब पाकिस्तान में नये सिरे से भारत विरोधी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान के गुरुद्वारों में इन दिनों खालिस्तान समर्थक गतिविधियां तेज़ी से संचालित हो रही हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्‍तान स्थित कई गुरुद्वारे भारत विरोधी गतिविधियों के धीरे-धीरे अड्डे बन गए हैं, और उन्‍हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से भरपूर मदद मिल रही है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत सरकार ने गुरुनानक जयंती से ठीक एक दिन पहले करतारपुर कॉरीडोर के निर्माण की घोषणा की, तो पाकिस्‍तान ने भी इस दिशा में कदम उठाने के लिए हामी भरी, जिसके लिए वह पिछले 20 सालों से इनकार कर रहा था। लेकिन करतारपुर कॉरीडोर खोलने पर हामी भरने से पहले पाकिस्‍तान में बुधवार और गुरुवार को भारतीय उच्‍चायोग के दो अधिकारियों को गुरुद्वारों में प्रवेश से रोक दिया गया था।
 
इसके पीछे गुरुद्वारा प्रशासन ने दलील दी कि भारत सरकार ने सिखों की धार्मिक भावना को आहत करते हुए 'नानक शाह फकीर' फिल्म के प्रदर्शन को अनुमति दी, इसलिए सिख समुदाय में भारत और भारतीय अधिकारियों के प्रति नाराज़गी है। लेकिन जो दिख रहा है वो सच नहीं है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए सीधे तौर पर पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ज़िम्‍मेदार है, जो कि वहां पर भारत विरोधी गतिविधियों के लिए खालिस्‍तानी आतंकियों को मदद दे रही है और जो नहीं चाहती की भारतीय अधिकारी पाकिस्तान के गुरुद्वारों में जाएं।
 
यह अहम खुलासा ऐसे समय में हुआ है जिस समय भारत में खालिस्‍तानी चरमपंथियों को पाकिस्‍तानी आतंकियों से मदद मिलने की बात सामने आ रही है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब में हालांकि खालिस्‍तानी चरमपंथियों का खात्‍मा हो चुका है, लेकिन कश्‍मीर में आतंक को बढ़ावा देने वाली पाकिस्‍तानी ताकतें एक बार फिर पंजाब में हिंसा फैलाने की फिराक़ में हैं।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले दिनों कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद के खूंखार आतंकी जाक़िर मूसा के देखे जाने और 6 से 7 आतंकियों के पाकिस्‍तान की सीमा से राज्‍य में घुसपैठ की रिपोर्ट भी सामने आई थी। जिसके बाद से खुफिया एजेंसिया काफ़ी सतर्क हो गईं हैं।
 
अब पाकिस्‍तान स्थित गुरुद्वारों में खालिस्‍तान समर्थक गतिविधियों को आईएसआई से मदद मिलने की जानकारी भी इन खुफि‍या रिपोर्ट्स को बल देती हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, खालिस्‍तान समर्थक समूह 'सिख फॉर जस्टिस' ने पंजाब को भारत से अलग करने के लिए पाकिस्‍तान के लाहौर स्थित ननकाना साहिब गुरुद्वारा से 'रेफरेंडम 2020' कैम्पेन’ की शुरुआत की है, और इसमें उन्‍हें आईएसआई से मदद मिल रही है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ननकाना साहिब कॉम्‍प्लेक्स में जरनैल सिंह भिंडरवाले की बड़ी सी तस्‍वीर के साथ 'रेफरेंडम 2020' के बैनर्स और 'खालिस्‍तान' के झण्डे भी देखे गए हैं। कहा जाता है कि इस इस कैम्पेन का मास्‍टर माइण्ड गुरप्रीत सिंह पन्‍नून है जो कि पाकिस्‍तान पहुंचने वाले सिख श्रद्धालुओं के बीच भारत विरोधी प्रचार सामग्रियां बांट रहा है।
 
जानकारी के मुताबिक़, आईएसआई के इशारे पर उसने श्रद्धालुओं के बीच टी-शर्ट और पंजाब की आजादी को लेकर जनमत-संग्रह के तौर पर कई पर्चियां भी बंटवाई हैं और इसके लिए उसे वित्‍तीय मदद पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी से मिल रही है।
 
इससे पहले ननकाना साहिब में खालिस्तान समर्थक नारेबाजी और पोस्टर लगाए जाने की ख़बर आई थी। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी की ओर से श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए लगाए गए पोस्टरों में भारत विरोधी नारे लिखे पाए गए। इन पोस्टरों में पाक सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के विवादित महासचिव गोपाल सिंह चवल की तस्वीर लगी है।
 
ऐसे में जबकि आईएसआई की सहायता से खालिस्थान समर्थक गतिविधियां फैल रही हैं, भारत सरकार को इसके लिए सख्ती से काम लेना होगा। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब में कुछ स्थानों और राजस्थान के श्रीगंगानगर ज़िले के कुछ हिस्सों के खिलाफ काम करने के लिए आईएसआई द्वारा सक्रिय शिविरों की एक सूची प्रदान की है, जिसमें बड़ी सिख आबादी है।
 
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिकऱ, आईएसआई पंजाब में दंगा उकसाने का प्रयास करने के लिए अपने सेल का भी उपयोग कर रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने अमृतसर में अटारी और फ़िरोज़पुर में हुसैनीवाला बॉर्डर पर अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है, क्योंकि इन दोनों जगहों पर बीटिंग रिट्रीट होती है और प्रतिदिन भारी संख्या में लोग इसे देखने के लिए पहुंचते हैं।