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‘दिवालिया’ होने की राह पर पाकिस्तान, टैक्स जुटाने लगाएगा ‘पाप कर’

06 Dec 2018
जल्द तबाह हो सकता है पाकिस्तान का आर्थिक ढांचा, चीन ने पाकिस्तान को नक़दी देने से किया इनकार

DEC 06 (WTN) – पाकिस्तान पूरी दुनिया में आतंक फैलाने के लिए कुख्यात है। पूरी दुनिया जानती है पाकिस्तान कश्मीर में आतंकियों के ज़रिये दहशत फैलाने की कोशिश करता है। आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान को हथियारों की ज़रुरत होती है, और इसके लिए पाकिस्तान के पास पर्याप्त पैसा है लेकिन देश के हेल्थ बजट के लिए नहीं। जैसा कि आप जानते हैं कि आतंक को पनाह देने की पाकिस्तान की कोशिशों के कारण ही आज पाकिस्तान की आर्थिक हालत यह हो गई है कि वह बुरी तरह के कर्ज में डूब गया है। इतना ही नहीं, चीन के साथ सीपीईसी प्रोजेक्ट ने भी पाकिस्तान की माली हालत इतनी खस्ता कर दी है कि उसे चीन से ही कर्ज मांगकर उसे काम चलाना पड़ रहा है।
 
कर्ज में डूबे पाकिस्तान ने अपने आर्थिक हालत सुधारने के लिए कारों से लेकर जानवरों तक को बेंचा है, ताकि इन्हें बेंचने से मिले पैसों से देश को कुछ तो राजस्व मिले। लगभग दिवालिया हो चुके पाकिस्तान ने टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए अब एक नये तरीक़े का टैक्स देश में लगाने का फ़ैसला किया है। जानकारी के मुताबिक़, कर्ज में डूबे पाकिस्तान ने अपने हेल्थ बजट को बढ़ाने के लिए सिगरेट और शरबतों पर जल्द ही ‘पाप कर’ लगाने का निर्णय लिया है।
 
पाकिस्तान के हेल्थ मिनिस्टर अमीर महमूद कियानी के मुताबिक़, “पाकिस्तान तहरीक़-ए-इंसाफ़ सरकार देश के जीडीपी का पांच प्रतिशत हेल्थ सेक्टर पर खर्च करना चाहती है। और इस काम के लिए उसे आमदनी बढ़ानी होगी। इसके लिए सरकार कई तरह के उपाय अमल में ला रही है।”
 
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान में तम्बाकू उत्पादों और मीठे पेयों पर एक ‘पाप कर’ लगाने का विचार है। कहा जा रहा है कि पाप कर लगाने से जो भी आमदनी होगी, उसे हेल्थ बजट में शामिल करने की योजना है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी पाकिस्तान सरकार हेल्थ पर जीडीपी का सिर्फ़ 0.6 प्रतिशत ही खर्च करती है। पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि दुनिया के क़रीब 45 देशों में इस तरह का ‘पाप कर’ लगाया जाता है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान के आर्थिक हालात यह हो गये हैं कि मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान खान के सरकारी आवास में मौजूद कारों से लेकर भैंसों तक की नीलामी कर दी गई थी, ताक़ि राजस्व जुटाया जा सके। एक असफल देश के रूप में पूरी दुनिया में कुख्यात पाकिस्तान कर्ज से छुटकारा पाने के लिए ना सिर्फ़ विश्व बैंक बल्कि कई देशों से आर्थिक मदद मांग चुका है।
 
इधर पाकिस्तान जिस चीन के दम पर भारत को आंखें दिखाने की कोशिश करता है, उसी चीन ने अब पाकिस्तान को नक़दी देने से साफ़ मना कर दिया है। जानकारी के मुताबिक़ चीन अब नक़दी के बजाय पाकिस्तान को कई तरह के बकाया (बेलआउट) पैकेज उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। इसके तहत नई परियोजनाओं में निवेश और सीपीईसी के तहत सहयोग जैसे कई प्रॉजेक्ट शामिल हैं। लेकिन साफ़ जाहिर है कि यह चीन की एक नीति है जिसके तहत वो पाकिस्तान को पूरी तरह से अपने वश में करना चाहता है।
 
यानि कि साफ़ है कि पाकिस्तान की आर्थिक हालत अब यह हो गई है कि कारों और भैंसों को बेंचने के बाद उसे सिगरेट और शर्बत पर ‘पाप कर’ लगाकर अपने अपना खजाना भरना पड़ रहा है। वहीं पाकिस्तान को अब चीन ने भी नक़दी देने से साफ़ इनकार कर दिया है। साफ़ है कि आतंकवाद के ज़रिये पाकिस्तान भारत को तबाह करने की जो कोशिश कर रहा था, आज उसी आतंकवाद ने उसकी हालत यह कर दी है कि वो दिवालिया होने की क़गार पर आ गया है।