राशि और स्त्रियों का गुस्सा!
DEC 14 (WTN) – आज हम आपको बताते हैं कि तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ और मीन राशि की स्त्रियों कितनी गुस्सैल होती हैं।
तुला
तुला राशि का चिन्ह है तराजू। अपने राशि चिन्ह के अनुसार ही तुला राशि की स्त्रियां हर काम नामतौल कर करती हैं, यानि कि उनका हर काम संतुलित होता है। इसी तरह से तुला राशि की स्त्रियों का गुस्सा भी संतुलित होता है। यह गुस्सा करती हैं, लेकिन तुरंत ही इनका गुस्सा शांत भी हो जाता है। यानि कि कहा जा सकता है कि इनका गुस्सा तराजू की पलड़ों की तरह है; कभी कम, तो कम ज़्यादा।
वृश्चिक
देखा गया है कि वृश्चिक राशि की स्त्रियों को गुस्सा बहुत आता है। वृश्चिक राशि का चिन्ह बिच्छू है इसलिए इस राशि कि महिलाओं का गुस्सा बिच्छू के डंक की तरह तेज़ होता है। जब वृश्चिक राशि की स्त्रियों को गुस्सा आता है, तो यह खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाती हैं जिसके कारण कई बार लोग इनसें नाराज़ और आहत हो जाते हैं।
धनु
धनु राशि की स्त्रियां गुस्सा तो करती हैं, लेकिन इनका अपने गुस्से पर नियंत्रण होता है और ये गुस्सा बड़ा सोच समझकर करती हैं। इनके साथ यदि कोई ग़लत करे, तो इन्हें गुस्सा आ जाता है। गुस्सा आने पर इनकी एक कमज़ोरी है कि ये फ़िर सीधा प्रहार करती हैं। लेकिन गुस्से के दौरान ये खुद पर नियंत्रण रखती हैं और संयमित तरीके से अपनी बात रखती हैं।
मकर
मकर राशि की स्त्रियों को गुस्सा तो ज़्यादा नहीं आता है, लेकिन ये काफ़ी चिढ़चिढ़ी होती हैं। मकर राशि की स्त्रियां बहुत ही कम किसी पर भरोसा कर पाती हैं, इस कारण ये दूसरों पर गुस्सा ज़्यादा नहीं कर पाती हैं। गुस्सा आने पर ये चिढ़चिढ़ी हो जाती हैं और अपना गुस्सा सही तरीक़े से व्यक्त नहीं कर पाती हैं।
कुम्भ
कुम्भ राशि की स्त्रियों में गम्भीरता होती है। इसलिए जब ये गुस्सा करती हैं, तो इनका गुस्सा भीतरी तौर पर होता है लेकिन बाहरी तौर पर ये शांत दिखाई देती हैं। यह अपने गुस्से को ज्वालामुखी की तरह संचित करके रखती हैं, और कभी-कभी इनका गुस्सा लावे की तरह बाहर निकलता है। कुम्भ राशि की स्त्रियों का अपने गुस्से पर वैसे तो नियंत्रण रहता है लेकिन जब ये आपा खो देती हैं, तो इनका गुस्सा बहुत खराब होता है।
मीन
मीन राशि का चिन्ह है मछलियां। अपने राशि चिन्ह की तरह ही मीन राशि की स्त्रियां शांत और शीतल प्रवृत्ति की होती हैं। मीन राशि की स्त्रियां बहुत ही कम गुस्सा करती हैं। यह पूरी कोशिश करती हैं कि इन्हें गुस्सा ना आए, लेकिन जब ये गुस्सा करती हैं तो इनका गुस्सा बहुत भयंकर होता है और इसका नुकसान इन्हें खुद को और दूसरों को भी उठाना पड़ता है।