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सराहनीय: मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों को मिला उनका ‘हक़’

02 Jan 2019
मध्य प्रदेश में अब पुलिसकर्मी को मिला साप्ताहिक अवकाश का ‘सुख’

JAN 02 (WTN) – मध्य प्रदेश में पहली बार पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश मिलना शुरू हो गया है। इसे नये साल में मध्य प्रदेश के पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री कमलनाथ सरकार का तोहफा भी कहा जा सकता है। पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिए जाने का नियम कल यानि कि एक जनवरी से ही लागू हो गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की इच्छा के अनुसार राज्य के डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने पुलिसकर्मियों को साप्‍ताहिक अवकाश दिए जाने के निर्देश दिए हैं और इसके लिए बाकायदा सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है।
 
जारी किये गये सर्कुलर में कहा गया है, “नव वर्ष 2019 के अवसर पर यह निर्णय लिया गया है कि थाना एवं ज़िलों में तैनात विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) की कम्पनियों में पदस्थ पुलिसकर्मियों, जिन्हें साप्ताहिक अवकाश नहीं दिया जाता है, उन्हें तत्काल प्रभाव से साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा।”
 
जैसा कि आप जानते हैं कि अभी तक मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों को सप्ताहिक अवकाश नहीं मिलता था जिसके कारण काम का काफ़ी दवाब उन पर रहता था। सरकार के इस कदम के बाद कहा जा सकता है कि पुलिसकर्मियों को राहत मिलेगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश में क़रीब 56 हज़ार पुलिसकर्मी हैं। चूंकि एक सप्ताह में 7 दिन होते हैं इसलिए औसतन 8 हज़ार पुलिस कर्मी रोजाना अवकाश पर रहेंगे। अवकाश पर रहने के दौरान आठ हज़ार पुलिसकर्मियों के स्थान पर दूसरी यूनिट से पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
 
मुख्यमंत्री बनने के बाद 19 दिसम्बर को पुलिस मुख्यालय पहुंचे कमलनाथ ने साफ़ कहा था कि उनकी पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने की मंशा है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश मिलने के बाद सभी ज़िलों के पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने ज़िलों में साप्ताहिक अवकाश देने के लिए रोस्टर बना लिये थे और इसे एक जनवरी से लागू कर दिया गया है।
 
जानकारी के मुताबिक़, अगर किसी कारण से पुलिस जवान तय दिन में साप्ताहिक अवकाश नहीं ले पाता है तो उसे उसी महीने में साप्ताहिक अवकाश लेना होगा। यदि उसी महीने में वह इस अवकाश का उपयोग नहीं करता है तो अगले महीने उसका यह अवकाश समाप्‍त हो जाएगा। वहीं विशेष परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश कि दिन भी काम करना पड़ सकता है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुलिस कर्मियों के अवकाश के दौरान उनकी अनुपस्थिति में पुलिस लाइन और कंट्रोल रूम के रिज़र्व बल का प्रयोग किया जाएगा। वहीं टीआई के साप्ताहिक अवकाश के दिन सीनियर सब-इंस्पेक्टर को सम्बन्धित थाने का थाना प्रभारी माना जाएगा। वहीं कहीं टीआई अपने चहेतों के लिए साप्ताहिक अवकाश की ख़ास व्यवस्था न कर सकें। इसलिए स्टाफ के साप्ताहिक अवकाश को निरस्त करने के अधिकार थाना प्रभारी को नहीं दिए गए हैं। साप्ताहिक अवकाश केवल ज़िले के एसपी ही निरस्त कर सकेंगे।
 
लेकिन वहीं दूसरी तरफ़ पुलिस महानिरीक्षक, उप पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और ऑफिस स्टाफ में पदस्थ पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश का लाभ नहीं मिलेगा। इसी तरह एसएएफ में भी वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय में पदस्थ कर्मियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
 
जैसा कि आप जानते हैं कि शासन का सबसे प्रत्यक्ष और व्यस्त विभाग पुलिस विभाग है। सरकार का यह विभाग ना केवल नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करता है बल्कि जन-धन की रक्षा के साथ शासन के हर विभाग को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहायता भी प्रदान करता है। पुलिस विभाग का लगभग हर विधायी काम थाना स्तर पर होता है, जिनको व्यवस्था में अन्य शाखाओं विशेषकर सशस्त्र बल से सहयोग प्राप्त होता है।
 
पुलिसकर्मियों की लगभग चौबीस घण्टे की ड्यटी होती है जिसके कारण काफ़ी समय से पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक अवकाश की मांग की जा रही थी। ज़्यादा काम और आराम ना मिलने के कारण काफ़ी पुलिसकर्मी अवसाद में जा रहे थे और आत्महत्या के कई प्रकरण सामने आ रहे थे। कहा जा सकता है कि कमलनाथ सरकार का पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने का फ़ैसला सराहनीय है।