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ट्रेन में यदि नहीं दिया खाने का बिल, तो मुफ़्त में मिलेगा खाना!

07 Jan 2019
रेलवे की सुविधाओं को ‘बेहतर’ बनाने की दिशा में मोदी सरकार का ‘बड़ा कदम’

JAN 07 (WTN) – केन्द्र की मोदी सरकार समय-समय पर रेल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए काम कर रही है। इसी कड़ी में ट्रेनों में इस साल मार्च से खाने के सामान की दाम सूची सार्वजनिक रूप से लगाई जाएगी। खाने के सामान के दाम से ज़्यादा पैसे मांगने की समय-समय पर यात्रियों की तरफ़ से मिलने वाली शिकायतों के बाद रेलवे ने ऐसा करने का फ़ैसला लिया है। इस दाम सूची में खाने के सामान के दाम के साथ लिखा रहेगा "कृपया कोई टिप नहीं दें, अगर बिल नहीं मिला तो आपका भोजन मुफ़्त है।" आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कैटिरंग सेवाओं में पारदर्शिता लाने के लिए के लिए सभी ज़ोनल रेलवे को इस बारे में निर्देश दिये हैं।
 
जानकारी के मुताबिक़, रेल मंत्री मंत्री पीयूष गोयल ने सलाह दी है कि 31 मार्च 2019 तक सभी ट्रेनों में कैटरिंग स्टॉफ और टीटीई को स्वाइप तथा बिल निकालने वाली मशीनों के साथ पीओएस (प्वाइंट ऑफ़ सेल) मशीनें वितरित की जानी चाहिए। साथ ही कैटरिंग सुविधाओं वाली सभी ट्रेनों में मार्च 2019 तक दाम सूची होनी चाहिए। ताकि यात्रियों को पता चल सके कि वे जो खा पी रहे हैं उसका वास्तविक दाम क्या है।
 
रेल यात्रियों की सुविधा के लिए एक और नया कदम रेल मंत्रालय द्वारा उठाया गया है। जैसा कि आप जानते हैं कि भारतीय रेलवे की ट्रेनों में खाने की ख़राब क्वालिटी की शिकायत हमेशा होती रही है और लोग इसकी शिकायत बाक़ायदा ट्विटर पर भी करते हैं। ख़राब खाने की शिकायत पर रेलवे ने वेंडर्स पर इसी कारण से 1.5 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
 
इधर लोकसभा में एक लिखित जवाब में रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने बताया कि खाने की क्वालिटी की ज़्यादातर शिकायतें IRCTC को मिलीं हैं। IRCTC को जो 6261 शिकायतें मिली हैं उसमें खाने की ख़राब क्वालिटी, दूषित पानी और ट्रेन में नियम तोड़ने के मामले ज़्यादा हैं। रेल राज्य मंत्री के अनुसार शिकायत के बाद खाना सप्लाई करने वाले कॉन्ट्रैक्टर और सप्लायर्स के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की गई है। इधर रेलवे को जो 7,529 शिकायतें मिली हैं उनमें से 2,322 मामलों में चेतावनी दी गई। इन मामलों में एक का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया गया और 555 शिकायतों के पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
 
लगातार यात्रियों की शिकायत के बाद रेलवे ने खाने की गुणवत्ता देखने के लिए फूड सेफ्टी सुपरवाइज़र भी नियुक्त किए हैं। इनका काम रेलवे की किचन यूनिट में जाकर देखरेख करना है। वहीं फूड सेफ्टी ऑफ़िसर जो सैम्पल लेते हैं उन्हें फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड एक्ट के तहत मान्यता प्राप्त लैब में जांच के लिए भेजा जाता है। जांच में खाने के सैम्पल ख़राब मिलने पर पेनल्टी लगाकार कार्ईवाई की जाती है।
 
यदि आपको भी रेलवे के खाने से किसी भी तरह की कोई भी शिकायत है और आप इसकी शिकायत करना चाहते हैं, तो आप रेलवे के टोल फ्री नम्बर 1800111321 पर इसे दर्ज करवा सकते हैं। आप अपनी शिकायत को मोबाइल नम्बर 9711111139 पर SMS भी कर सकते हैं। इसके अलावा IRCTC के ट्विटर हैंडल @IRCTCofficial पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। हमारी आपसे गुजारिश है कि यदि आपको रेलवे के खाने से किसी भी तरह की कोई भी शिकायत है, तो आप इसकी शिकायत ज़रूर करें क्योंकि यह आपका हक़ है।