HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर मोदी खेल सकते हैं ‘मास्टर स्ट्रोक’

10 Jan 2019
एक फरवरी को पेश होने जा रहे आम बजट से सभी को ‘आशाएं’

JAN 10 (WTN) – मोदी सरकार अपना आख़िरी बजट एक फरवरी को पेश करने जा रही है। बजट के पहले प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापारियों, किसानों और नौकरीपेशा लोगों को खुश करने की पूरी कोशिश की है। लोकसभा चुनाव के पहले पेश होने वाले मोदी सरकार के इस बजट से सभी को बहुत आशाएं हैं। इसी कड़ी में सीआईआई यानि की भारतीय उद्योग परिसंघ ने मोदी सरकार से आम बजट में आयकर छूट की सीमा को दोगुना कर पांच लाख रुपए करने की मांग की है।
 
इसी के साथ सीआईआई ने बचत को प्रोत्साहन देने के लिए धारा 80सी के तहत कटौती की सीमा को बढ़ाकर 2.50 लाख रुपए करने की भी मांग की है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, सीआईआई ने वित्त मंत्रालय को सौंपी अपनी बजट पूर्व सिफारिशों में सुझाव दिया है कि व्यक्तिगत आयकर के सबसे ऊंचे स्लैब को भी 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाना चाहिये। साथ ही सीआईआई की मांग है कि चिकित्सा खर्च और परिवहन भत्ते पर भी आयकर छूट मिलना चाहिये।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस समय व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपए है। जबकि ढाई लाख से पांच लाख रुपए की आय पर पांच प्रतिशत टैक्स लगता है। वहीं 5 से 10 लाख रुपए की आय पर 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपए से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत आयकर लगता है।
 
सीआईआई ने सरकार को सुझाव दिया है कि पांच लाख रुपए तक की आय को करमुक्त किया जाए। इसके अलावा 5 से 10 लाख रुपए की आय पर टैक्स की दर घटाकर 10 प्रतिशत और 10 से 20 लाख रुपए की आय पर 20 प्रतिशत तथा 20 लाख रुपए से अधिक की आय पर 25 प्रतिशत आयकर लगाया जाना चाहिये।
 
जैसा कि आप जानते हैं कि लोकसभा चुनाव के चलते मोदी सरकार अंतरिम बजट पेश कर रही है और चुनाव के बाद बनने वाली नयी सरकार ही पूर्ण बजट पेश करेगी। सीआईआई ने यह भी सुझाव दिया है कि सभी कम्पनियों के लिये कॉरपोरेट कर की दर को घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाना चाहिये। बाद में इसे चरणबद्ध तरीके से घटाकर 18 प्रतिशत पर लाया जाए।
 
सीआईआई ने सरकार को यह भी सुझाव दिया है कि आयकर कानून की धारा 80 सी के तहत कर कटौती सीमा को 1.50 लाख रुपए से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपए किया जाना चाहिये। साथ ही सीआईआई ने कहा है कि चिकित्सा खर्च और परिवहन भत्ते की प्रतिपूर्ति की छूट फिर से लाई जानी चाहिये और इसके साथ ही 40,000 रुपए की मानक कटौती को भी लागू रखा जाना चाहिये।
 
यदि चुनावी साल में मोदी सरकार ने सीआईआई की मांग को मान लिया तो कहा जा सकता है कि इसका काफ़ी लाभ एनडीए और खासतौर से भाजपा को मिल सकता है। क्योंकि काफ़ी समय जनता की मांग है कि आयकर छूट की सीमा को पांच लाख रुपये तक बढ़ाया जाना चाहिए। ऐसे में यदि मोदी सरकार जनता की मांग को पूरा करती है तो यह एक तोहफा प्रधानमंत्री नरेन्द्र की तरफ़ से देश की आम जनता को होगा। लोकसभा चुनाव से पहले यदि प्रधानमंत्री मोदी ने आयकर छूट की सीमा बढ़ा दी तो यह उनका ऐसा मास्टर स्ट्रोक होगा जिसका कोई जवाब विपक्ष के पास नहीं होगा।