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जानिए क्या है भारतीय रिज़र्व बैंक की टोकनाइजेशन सर्विस?

14 Jan 2019
टोकनाइजेशन सर्विस से बग या फिर हैकर्स से सुरक्षित रहेंगे कार्ड

JAN 14 (WTN) – आम जनता की सुविधा के लिए आरबीआई यानि कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने कार्ड पेमेंट सेवा को और भी ज़्यादा सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक़ इसके लिए टोकेनाइजेशन सर्विस को लागू किया जाएगा। माना जा रहा है कि ऐसा होने से डिजिटल पेमेंट सेवा के लिए नए रास्ते खोलेंगे साथ ही टोकनाइजेशन से कार्ड पेमेंट आसान और सुरक्षित हो जाएगा। आख़िर क्या है टोकनाइजेशन सर्विस आइये आपको बताते हैं?
 
भारतीय रिज़र्व बैंक ने टोकनाइजेशन के बारे में निर्देश जाती करते हुआ कहा है कि कार्ड कम्पनियां थर्ड पार्टी सेवा प्रदाताओं को टोकनाइजेशन ऑफर कर सकती हैं और ग्राहक इस सेवा का प्रयोग थर्ड पार्टी एप्लीकेशन के जरिए रजिस्ट्रेशन करके कर सकते हैं।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरबीआई के नए निर्देश के अनुसार, कंज्यूमर अपने पेमेंट कार्ड के ओरिजनल नम्बर की बजाय वर्चुअल नम्बर क्रिएट कर सकते हैं। जिसकी मदद से कंज्यूमर को हर ट्रांजेक्शन के लिए अपने कार्ड की वास्तविक डिटेल शेयर नहीं करनी पड़ेगी। ऐसा करने से कार्ड पेमेंट पहले के मुक़ाबले और भी ज़्यादा सुरक्षित हो जाएगा।
 
आरबीआई के इस कदम के बाद इस क्षेत्र के जानकारों के कहना है कि टोकनाइजेशन पेमेंट को सिक्योर और सेफ बनाने के लिए उठाया गया कदम सराहनीय है। ऐसा होने से यह डेवैल्यूएशन और पेमेंट क्रेडिएंटल्स को टोकन से रिप्लेस कर पेमेंट की सिक्योरिटी और सुरक्षा को अलगे स्तर पर ले जाएगा। 
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टोकनाइजेशन के आने से 'मैन इन द मीडिल' प्रकार के फ्रॉड से मुक्ति मिलेगी। क्योंकि यहां पर कार्ड की डिटेल को बग या फिर हैकर्स के जरिए हैक कर लिया जाता है और बाद में इसका इस्तेमाल फर्जी ट्रांजेक्शन के लिए किया जाता है।
 
कहा जा रहा है कि कार्ड पेमेंटे के समय सुरक्षा की एक और परत को बनाए रखने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने ट्रांजैक्शंस के दौरान अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन पर जोर दिया है। हालांकि, टोकनाइजेशन से सिक्योरिटी की एक नई लेयर जुड़ेगी। इससे कॉन्टैक्टलेस प्वाइंट ऑफ सेल्स (PoS) टर्मिनल डिवेलप करने में भी मदद मिल सकती है, जो स्मार्टफोन या अन्य डिवाइसेज से ट्रांजैक्शंस की डिटेल ले सकेंगे। इन टर्मिनल को पुष्टि के लिए स्लिप प्रिंट करने की ज़रूरत नहीं होगी क्योंकि एक डिवाइस से होने वाली ट्रांजैक्शन से वहीं सॉफ्ट कॉपी में पुष्टि मिल जाएगी।

खैर लेकिन ऐसा होने से आने वाले समय में वियरेबल डिवाइसेज से भी पेमेंट करने का रास्ता खुलेगा। RBI ने अभी केवल स्मार्टफोन और टैबलेट से पेमेंट की अनुमति दी है। कहा जा सकता है कि आरबीआई के इस कदम से कार्ड पेमेंट पहले की तुलना में काफ़ी सुरक्षित होने वाला है।