रियल एस्टेट सेक्टर को अंतिरम बजट में मोदी सरकार से काफ़ी उम्मीदें
JAN 17 (WTN) – एक फरवरी को मोदी सरकार अपने इस कार्यकाल का आख़िरी बजट पेश करने जा रही है। चार पूर्ण बजट पेश करने के बाद इस बार मोदी सरकार अंतरिम बजट पेश करेगी क्योंकि कुछ ही महीनों के बाद देश में लोकसभा चुनाव होने हैं। मोदी सरकार के इस बजट से सभी को काफ़ी आशाएं हैं साथ ही चुनावी साल होने के कारण लोगों को काफ़ी राहत की उम्मीद भी अंतरिम बजट से है। आइये जानते हैं कि रियल एस्टेट की क्या कुछ उम्मीदें इस बार के अंतरिम बजट से हैं।
मोदी सरकार के कार्यकाल में रियल एस्टेट क्षेत्र में काफ़ी बदलाव देखने को मिले हैं। अभी तक के अपने कार्यकाल में मोदी सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर को मज़बूती प्रदान करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। घर खरीदने वाले आम लोगों की सुविधा के लिए सरकार ने RERA यानि कि Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 को पास किया जिसके कारण प्रॉपर्टी खरीदने वालों को फ्रॉड से मुक्ति मिली है।
नोटबंदी के बाद से रियल एस्टेट सेक्टर में काले धन के इनवेस्टमेन्ट पर लगाम लगी है और इसमें पारदर्शिता आई है जिसके कारण रियल एस्टेट के दामों में काफ़ी कमी आई है। कहा जा रहा है कि जीएसटी का लाभ भी रियल एस्टेट सेक्टर को मिला है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़ साल 2018 की पहली तीन तिमाही में रियल एस्टेट सेक्टर में 40 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल की गई। मोदी सरकार के कई अन्य निर्माण कार्यों के कारण भी रियल एस्टेट सेक्टर को लाभ मिला है जैसे सड़कों का निर्माण और बिजली की पहुंच।
अंतरिम बजट से रियल एस्टेट सेक्टर की मोदी सरकार से उम्मीद है कि घर ख़रीदी में थोड़ी और टैक्स छूट में राहत देना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सेक्शन 80 सी के तहत होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट के रि-पेमेंट पर हर साल डेढ़ लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। लोगों की मांग है कि सरकार को इस लिमिट को बढ़ाना चाहिए।
जैसा कि आप जानते हैं कि पीएम मोदी की महात्वकांश्री प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी की साल 2022 तक घर देने की कोशिश है। ऐसे में इस योजना के तहत घर ख़रीद रहे लोगों को उम्मीद है कि प्रॉपर्टी खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी में वृद्धि होना चाहिए जिससे इस योजना का लाभ ज़्यादा से ज़्यादा लोग ले सकें।