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कांग्रेस सरकार ने ‘बंद’ की शिवराज सरकार की महत्वाकांक्षी ‘भावान्तर योजना’

22 Jan 2019
कमलनाथ सरकार ने लगाया भावान्तर योजना पर ‘पूर्ण विराम’; पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी आंदोलन की ‘चेतावनी’

JAN 22 (WTN) – मध्य प्रदेश में जब से कांग्रेस सरकार बनी है तभी से पूर्ववर्ती शिवराज सरकार के फ़ैसलों और योजनाओं को बदलने का काम मुख्यमंत्री कमलनाथ कर रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य की कांग्रेस सरकार ने भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी भावान्तर योजना को बंद कर दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भावान्तर योजना को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के मक़सद से शुरू किया था।
 
जानकारी के मुताबिक़, भावान्तर योजना को बंद करने के पीछे राज्य सरकार का मक़सद किसानों का भला करना है। इस बारे में राज्य के कृषि मंत्री सचिन यादव का कहना है कि भावान्तर योजना को बन्द करने का फ़ैसला किसानों से चर्चा करने के बाद और उनकी मंशानुसार ही किया गया है। भावान्तर योजना का बंद करने के पीछे कांग्रेस सरकार का तर्क है कि यह योजना किसानों के फ़ायदे के लिए नहीं बनाई गई थी, बल्कि इस योजना से किसानों की बजाय किसी और का लाभ होता था।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसानों का आरोप था कि नोटबंदी के बाद उन्हें फसलों के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी उनकी फसलें नहीं खरीदी जा रही हैं, ऐसे में किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए मध्य प्रदेश की तत्कालीन भाजपा सरकार ने भावान्तर भुगतान योजना शुरू की थी जिसका मक़सद किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना था। लेकिन भाजपा सरकार की इस योजना को कांग्रेस सरकार ने इस तर्क के साथ बंद कर दिया है कि इस योजना से फसलों के दाम गिर जाते थे और किसानों के बजाय किसी अन्य को इसका फ़ायदा हो रहा था।
 
भावान्तर योजना बंद करने के बाद प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही ऐसी योजना को लागू किया जाएगा जिससे किसानों को फायदा मिले और उन्हें उनकी फसलों के उचित मूल्य मिल सके। अब देखना होगा कि किसानों की भलाई के क्या कुछ कदम राज्य की कांग्रेस सरकार उठाती है। कर्ज़ माफ़ी की घोषणा के बाद किसानों को खुश करने के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार हो सकता है कि किसानों को बोनस देने जैसी कोई योजना लाए जिससे किसानों को उनकी फसलों के उचित दाम मिल सकें।
 
इधर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य की कमलनाथ सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि किसानों की हित की भावान्तर योजना को बंद किया गया तो भाजपा सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। इधर अब देखना होगा कि राज्य की कांग्रेस सरकार क्या कुछ निर्णय किसानों के हित में करती है जिससे लोकसभा चुनाव के पहले किसानों की किसी भी तरह की नाराज़गी का सामना उसे ना करना पड़े।
 
वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केन्द्र की मोदी सरकार भी शिवराज सरकार द्वारा चलाई गई भावान्तर योजना का अध्ययन कर रही है और कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले, किसानों के लिए कई बड़ी योजनाओं की घोषणा मोदी सरकार कर सकती है जिसमें से एक भावान्तर योजना भी है। कहा जा रहा है कि मोदी सरकार की योजना है कि यदि किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलता है तो उन्हें इसका भुगतान भावान्तर योजना के तहत किया जाए। यदि केन्द्र की मोदी सरकार भावान्तर योजना को अमल में लाती है, तो फ़िर केन्द्र सरकार और मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के बीच तक़रार होना स्वाभाविक है।