HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

शहरी बेरोजगार युवाओं से किया ‘वादा’ जल्द पूरा करेंगे मुख्यमंत्री कमलनाथ

28 Jan 2019
कमलनाथ सरकार की पहल, युवाओं को मिलेगा पसंद के क्षेत्र में रोजगार

JAN 28 (WTN) – मध्य प्रदेश में जल्द ही मुख्यमंत्री कमलनाथ कांग्रेस के वचन-पत्र में किये गये वादे को पूरा करते हुए शहरी युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने जा रहे हैं और इसके लिए महत्वाकांक्षी युवा स्वाभिमान योजना की शुरुआत होने जा रही है। कहा जा रहा है कि इस योजना के जरिये कांग्रेस सरकार युवाओं को रोजगार के अधिकार के वादे को अमली जामा पहनाने की तैयारी में है। कहा जा रहा है कि इस योजना के तहत युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उनकी पसंद के रोजगार में स्थापित होने के लिए राज्य सरकार द्वारा उन्हें समुचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
 
दरअसल मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शहर के युवा बेरोजगारों को उनकी इच्छा के अनुसार उनकी पसंद के क्षेत्र में रोजगार की गारंटी देते हुए युवा स्वाभिमान योजना लागू करने का फैसला किया है मुख्यमंत्री कमलनाथ के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में तो मनरेगा के तहत युवाओं को रोजगार के मौके मिल जाते हैं, लेकिन शहरी क्षेत्र के युवाओं को ऐसे मौके नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में शहरी युवाओं को अस्थाई रोजगार और कौशल विकास को एक साथ लेकर स्व-रोजगार प्रदान करने की उनकी योजना है।

जानकारी के मुताबिक जल्द ही मंत्रिमण्डल की मन्जूरी मिलने के बाद इस योजना का क्रियान्वयन शुरू किया जाएगा। कहा जा रहा है कि प्रदेश की युवाओं को रोजगार के अवसरों का लाभ प्राप्त करने योग्य बनाना ही युवा स्वाभिमान योजना का मुख्य उद्देश्य है। इस योजना से शहरी युवा बेरोजगारों को उनकी इच्छा के अनुरूप कार्यक्षेत्र में एक साल में कम से कम 100 दिन का तात्कालिक अस्थाई रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
 
इस योजना के लिए शहरी बेरोजगार युवाओं के पंजीयन का काम 10 फरवरी, 2019 से भोपाल समेत सभी नगरीय निकायों में शुरू किया जा रहा है। जिसके बाद पंजीकृत युवाओं को फरवरी महीने से ही उनकी पसंद के रोजगार के लिये कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। युवा स्वाभिमान योजना के क्रियान्वयन की पूरी जिम्मेदारी नगरीय निकायों को दी जा रही है।