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लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस में ‘किसान हितैषी’ बनने की ‘होड़’!

06 Feb 2019
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘किसान कार्ड’ का भोपाल में ‘उत्तर’ दे सकते हैं राहुल गांधी

FEB 06 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की क़रीब 70 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती किसानी के काम से जुड़ी हुई है। इतना ही नहीं, दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले भारत देश की अर्थव्यवस्था भी अच्छी फसलों पर टिकी हुई है। समय-समय पर राजनीतिक पार्टियां किसानों को खुश करने के लिए उनके लिए नई-नई घोषणाएं करती रहती हैं। अभी हाल में मोदी सरकार द्वारा पेश अंतरिम बजट में छोटे किसानों के लिए हर साल 6,000 रुपये देने की घोषणा की गई है। कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के पहले मोदी सरकार का यह दांव भाजपा को काफ़ी फ़ायदा पहुंचा सकता है।
 
2014 के लोकसभा चुनाव में सिर्फ़ 44 सीटों पर सिमटी कांग्रेस, 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए पूरा दम लगा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हर स्तर पर पूरी कोशिश कर रहे हैं कि मोदी सरकार को 2019 में किसी ना किसी तरह से पराजित किया जाए। राहुल गांधी भी जानते हैं कि यदि लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करना है, तो किसानों को खुश करना काफ़ी जरूरी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा छोटे किसानों के लिए सालाना 6,000 रुपये की घोषणा के बाद कहा जा रहा है कि राहुल गांधी भी किसानों के लिए कोई बड़ा चुनावी वादा कर सकते हैं और जो दांव उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए चला था उसे लोकसभा चुनाव के लिए अजमा सकते हैं।
 
जिस तरह से मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने किसानों की कर्ज़ माफ़ी का वादा कर सत्ता में वापसी की है, उसे देखकर कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए किसानों के लिए चुनावी वादे के लिए मध्य प्रदेश से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती है। जैसा कि आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार राज्य के किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज़ को माफ़ करने की योजना पर काम कर रही है। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि सरकार बनने के बाद किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज़ को माफ़ किया जाएगा।
  
8 फरवरी को राहुल गांधी भोपाल आ रहे हैं, जहां पर कांग्रेस किसान सम्मेलन में किसानों की कर्ज़ माफ़ी के लिए राहुल गांधी का सम्मान किया जाएगा। कहा जा रहा है कि भोपाल के जम्बूरी मैदान से राहुल गांधी लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान का भी शंखनाद कर सकते हैं। राहुल गांधी समय-समय पर देशभर में अपने भाषणों में मध्य प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार द्वारा किसानों की कर्ज़ माफ़ी की बात को दोहराते रहते हैं, और हो सकता है कि भोपाल से राहुल गांधी लोकसभा चुनाव को देखते हुए किसानों के लिए कोई बड़ी घोषणा करें।
 
सूत्रों के मुताबिक़ राहुल गांधी कांग्रेस किसान सम्मेलन में ऐलान कर सकते हैं कि यदि कांग्रेस पार्टी की सरकार केन्द्र में बनी, तो ग़रीब किसानों के लिए पेंशन योजना लागू की जाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि राहुल गांधी देशभर के किसानों की कर्ज़ माफ़ी की भी घोषणा कर सकते हैं। लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों किसानों का हितैषी बनने का दावा कर रही हैं।

अब देखना होगा कि प्रधानमंत्री मोदी के किसान कार्ड का क्या कुछ उत्तर राहुल गांधी के पास है और किसानों के भलाई के लिए क्या कुछ घोषणाएं वे भोपाल से करते हैं। जिस तरह के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस राहुल अध्यक्ष राहुल गांधी किसानों की हित की बात कर रहे हैं और उनके लिए घोषणाएं कर रहे हैं, उसते तो लगता है कि किसाना ही तय करेंगे कि 2019 का विजेता कौन होगा।