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दूरदर्शन की फ्री डिश सेवा के कई चैनल्स पर लगा ‘ग्रहण’!

14 Feb 2019
जी, सोनी और स्टार जैसे ब्रॉडकास्टर्स दूरदर्शन की फ्री डिश सेवा में नहीं दिखाएंगे अपने हिन्दी चैनल्स

FEB 14 (WTN) – यदि आप दूरदर्शन की फ्री डिश सेवा के जरिये टीवी पर मनोरंजनक चैनल्स का आनंद ले रहे हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जल्द ही कई बड़े ब्रॉडकास्टर्स अपने हिन्दी चैनल्स डीडी फ्री डिश से हटाने वाले हैं। ख़बरों के मुताबिक जी एंटरटेनमेंट, सोनी पिक्चर्स, स्टार इंडिया और वायकॉम 18 जैसे बड़े ब्रॉडकास्टर्स दूरदर्शन की फ्री डिश सेवा से खुद को अलग करने वाले हैं और इसका असर देश के क़रीब 2.2 करोड़ फ्री डिश सेवा उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। यदि ऐसा होता है कि दूरदर्शन की फ्री डिश सेवा के ग्राहक स्टार भारत, रिश्ते सिनेप्लेक्स, सोनी पल, स्टार उत्सव और जी अनमोल जैसे चैनल्स को नहीं देख पाएंगे।
 
जानकारी के मुताबिक़, इन टॉप के कुछ ब्रॉडकास्टर्स ने सहमति बनाकर यह फैसला लिया है कि वे अब कोई भी हिन्दी जनरल एंटरटेनमेंट और फिल्मी चैनल फ्री डिश पर नहीं दिखाएंगे। कहा जा रहा है कि ऐसा ब्रॉडकास्टर्स द्वारा इसलिए किया जा रहा है ताकि केबल और डीटीएच ग्राहक दूरदर्शन की फ्री डिश सेवा की तरफ़ शिफ्ट न हो सकें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दूरदर्शन ने दिसम्बर 2004 में डीडी फ्री डिश सेवा को दर्शकों के लिए लॉन्च किया था। उस समय इसमें 33 टीवी चैनल्स थे, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती चली गई।
 
इस समय दूरदर्शन की फ्री डिश सेवा में 130 चैनल्स हैं, जिसमें काफ़ी चैनल्स दूरदर्शन के भी शामिल हैं। वहीं इसमें लोकसभा और राज्यसभा टीवी भी शामिल है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दूरदर्शन की फ्री डिश सेवा के इन चैनल्स के स्लॉट को बेचकर प्रसार भारती कमाई करती है। हाल ही में प्रसार भारती ने 54 स्लॉट की नीलामी की गाइडलाइंस तैयार की है। जानकारी के अनुसार जुलाई 2017 में स्लॉट की नीलामी से ही प्रसार भारती को क़रीब 85 करोड़ रुपए की इनकम हुई थी।
 
यदि बड़े ब्रॉडकास्टर्स दूरदर्शन की फ्री डिश सेवा से अलग होते हैं तो इससे इसका उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को मजबूरन केबल कनेक्शन लेना होगा या फ़िर प्राइवेट डीटीएच ऑपरेटर्स की सेवा लेनी होगी जो कि उन्हें महंगी पड़ेगी। ब्रॉडकास्टर्स के इस कदम से ना केवल ग्राहकों को बल्कि प्रसार भारती को भी नुकसान उठाना पड़ेगा।
 
वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्राई ने नये ब्रॉडकास्ट नियम इसी महीने की 1 फरवरी से लागू किए हैं जिसके तहत ग्राहकों को अब उन्हीं चैनल्स के पैसे देने होंगे जो वे देखना चाहते हैं। कहा जा रहा है कि ट्राई के इस नये फरमान के बाद से केबल और डीटीएच सेवा महंगी हो गई है, जिसके कारण उपभोक्ता दूरदर्शन की फ्री डिश सेवा की तरफ़ रुख कर रहे हैं। ऐसा होने से ब्रॉडकास्टर्स को नुकसान होने की आशंका है इसलिए बड़े ब्रॉडकास्टर्स ने दूरदर्शन की फ्री डिश सेवा के प्लेटफार्म से खुद को अलग करने का फैसला लिया है।