HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

मध्य प्रदेश में भाजपा को पराजित करने लोकसभा चुनाव लड़ेंगे कांग्रेस के ‘दिग्गज’!

15 Feb 2019
मध्य प्रदेश की ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए कांग्रेस ‘पुराने’ चेहरों के सहारे

FEB 15 (WTN) – 2014 के लोकसभा चुनाव मे सिर्फ़ 44 सीटों पर सिमटी कांग्रेस के लिए 2019 के लोकसभा चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल हैं। मध्य प्रदेश समेत तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में जीत के बाद कांग्रेस आत्मविश्वास में नज़र आ रही है। प्रधानमंत्री मोदी को शिकस्त देने के लिए राहुल गांधी पूरा जोर लगा रहे हैं, और इसी रणनीति के तहत राजनीति से दूर रहने वाली प्रियंका गांधी वाड्रा को भी राहुल गांधी राजनीति के मैदान में उतार लाएं हैँ। इतना ही नहीं, भाजपा को पराजित करने के लिए राहुल गांधी कांग्रेस की धुर विरोधी पार्टियों के साथ भी मंच साझा करने से नहीं चूक रहे हैं।
 
बात मध्य प्रदेश की करें तो कांग्रेस जानती है कि यदि भाजपा को लोकसभा चुनाव में हराना है तो उसे अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ना होगा, और इसी संदर्भ में कांग्रेस मध्य प्रदेश में अपने दिग्गजों के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मध्य प्रदेश की 29 में से 27 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। जैसा कि आप जानते हैं कि अभी हाल में सम्पन्न हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल कर गठबंधन की सरकार बनाने में कामयाबी हासिल की है। मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के बाद से आत्मविश्वास से लबरेज कांग्रेस राज्य की ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतने के लिए अब अपने दिग्गजों को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी में है।
 
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस मध्य प्रदेश में अपने सभी दिग्गज नेताओं औऱ उनके परिजनों को लोकसभा चुनाव में टिकट दे सकती है। कहा जा रहा है कि दिग्विजय सिंह को भोपाल से, उनकी पत्नी अमृता सिंह को राजगढ़ से, ज्योतिरादित्य सिंधिया को ग्वालियर से और उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया को गुना सीट से चुनाव लड़ाने की तैयारी है।
 
वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ छिन्दवाड़ा से, अरुण यादव खरगौन या फ़िर खण्डवा से, अजय सिंह सीधी से, कान्तिलाल भूरिया रतलाम से, सुन्दरलाल तिवारी रीवा और जबलपुर से विवेक तंखा चुनाव लड़ सकते हैं। इतना ही नहीं जिन सीटों पर पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस कम मतों से हारी है वहां पर भी कांग्रेस क्षेत्र के दमदार और पुराने दिग्गज नेता को चुनाव मैदान में उतार सकती है।
 
कांग्रेस जानती है कि यदि दिल्ली की सत्ता पर काबिज होना है तो मध्य प्रदेश की 29 सीटें काफ़ी मायने रखती हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस छिन्दवाड़ा और गुना सीट पर जीत तय मानकर चल रही है। ऐसे में राज्य की बची हुईं 27 सीटों पर कांग्रेस अपने दिग्गजों को चुनाव मैदान में उतार कर भाजपा को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है।
 
कांग्रेस को आशा है कि पिछले लोकसभा चुनाव जैसा प्रदर्शन भाजपा इस बार नहीं दोहरा पाएगी, वहीं संघ के सर्वे में भी राज्य की 15 लोकसभा सीटों पर भाजपा सांसदों के ख़िलाफ़ जनता की नाराजगी देखी गई है। ऐसे में कांग्रेस मध्य प्रदेश में अपने दिग्गजों को चुनाव मैदान में उतारकर भाजपा को कड़ी टक्कर देने की रणनीति पर काम कर रही है। अब देखना होगा कि प्रधानमंत्री मोदी के नाम और काम के सामने कांग्रेस के ये दिग्गज नेता कैसी चुनौती भाजपा प्रत्याशियों को दे पाते हैं।