HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

चुनाव से पहले मध्यम वर्ग को एक नया ‘तोहफा’ दे सकती है मोदी सरकार!

23 Feb 2019
सुकन्या समृद्धि योजना समेत समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं में 0.10 प्रतिशत तक बढ़ सकती है ब्याज दर

FEB 23 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि मोदी सरकार ने लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ईपीएफ़ पर ब्याज की दर को 0.10 प्रतिशत बढ़ा दिया है। यानि कि अब ईपीएफ़ पर साल 2018-19 के लिए नई ब्याज दर 8.65 प्रतिशत होगी। पीपीएफ़ पर ब्याज दर बढ़ने के बाद लोगों में उम्मीद जागी है कि बैंकों और पोस्ट ऑफ़िस में चल रहीं छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में भी वृद्धि होगी।
 
छोटी बचत योजनाओं की बात करें तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल सुकन्या समृद्धि योजना पर अभी 8.5 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है। पोस्ट ऑफ़िस में एक साल और तीन साल के लिए किये गये डिपॉजिट पर ब्याज दर 7 प्रतिशत है। वहीं पांच सालों के लिए पोस्ट ऑफ़िस डिपॉजिट पर ब्याज दर 7.8 प्रतिशत है। पांच सालों के लिए की गई आरडी यानि कि रिकरिंग डिपॉजिट पर ब्याज दर 7.8 प्रतिशत है। वहीं पीपीएफ़ पर ब्याज की दर 8 प्रतिशत है।
 
वहीं 5 साल के नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर ब्याज की दर 8 प्रतिशत है, तो किसान विकास पत्र पर 7.7 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है। देखा जाए तो अभी सिर्फ़ 5 साल की सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम पर ही ईपीएफ़ से ज्यादा ब्याज मिलता है क्योंकि इसमें ब्याज की दर 8.7 प्रतिशत है।
 
जानकारों का मानना है कि तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में हार और यूपी में बसपा-सपा के गठबंधन के बाद लोकसभा चुनाव में एनडीए पर हार के मंडराते खतरे के कारण मोदी सरकार देश के विशाल मध्यम वर्ग को लुभाने के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में वृद्धि कर सकती है, लेकिन कहा जा रहा है कि यह वृद्धि 0.10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगी क्योंकि हो सकता है कि इसके पीछे सरकार का मकसद सरकारी बॉन्ड की दर को बढ़ाना है।
 
जानकारी के मुताबिक सरकार छोटी बचत योजनाओं के लिए नई ब्याज दरों का एलान 31 मार्च तक कर सकती है। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ईपीएफ़ पर ब्याज दरें बढ़ने के बाद अब कहा जा रहा है कि पोस्ट ऑफ़िस डिपॉजिट, सुकन्या समृद्धि और पीपीएफ़ समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। अब देखना होगा कि आम जनता को लुभाने के लिए केन्द्र की मोदी सरकार क्या कुछ बड़ा कदम उठाने जा रही है ताकि इसका लाभ उसे चुनाव में मिल सके।