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जानिए कैसी बनी पाकिस्तान में भारत की एयर स्ट्राइक की ‘प्लानिंग’?

27 Feb 2019
भारत की वायु सेना की ताकत के सामने ‘बौना’ साबित हुआ पाकिस्तान
 
FEB 27 (WTN) –
प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व और भारतीय वायु सेना के फायटर पायलटों की बहादुरी के कारण पुलवामा हमले में शहीद जवानों की शहादत का बदला भारत ने पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक कर आतंकियों का मारकर ले लिया। जैसा कि आप जानते हैं कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी क्षेत्र में घुसकर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को बुरी तरह से तबाह कर दिया। भारतीय वायु सेना के इस सफल एक्शन में क़रीब 300 आतंकवादी मारे गये हैं।
 
कहा जाता है कि पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक का प्लान पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से ही बनना शुरू हो गया था। पूरे देश में गुस्से का माहौल देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को सबक दिखाने के लिए एयर स्ट्राइक का प्लान बनाया। इस प्लानिंग में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा NSA अजित डोभाल, भारतीय थल सेना, भारतीय वायुसेना के बड़े अधिकारियों समेत रॉ और आईबी के अधिकारी शामिल थे।
 
पुलवामा आतंकी हमले के बाद सीसीएस की 15 फरवरी को हुए अहम बैठक में सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को पाकिस्तान से बदला लेने के विकल्प दिये गये। काफ़ी विचार विमर्श के बाद निर्णय लिया गया कि पाकिस्तान और आतंकियों को सबक सिखाने के लिए इस बार सर्जिकल स्ट्राइक नहीं बल्कि एयर स्ट्राइक के जरिए पाकिस्तान को जवाब दिया जाएगा।
 
इस बैठक में तय किया गया कि पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को तबाह कर दिया जाए। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NSA अजित डोभाल को इस प्लान पर काम करने के लिए कहा। बैठक में भारतीय वायुसेना प्रमुख बीरेन्द्र सिंह धनोवा को ऑपरेशन को अंजाम देने की जिम्मेदारी दी गई, वहीं रॉ और आईबी समेत कई सुरक्षा एजेंसियों ने हमले से सम्बन्धित सभी इनपुट मुहैया कराए। प्लानिंग के तहत थल सेना को भी अलर्ट पर रखा गया ताकि किसी भी तरह के पाकिस्तानी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।
 
पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक करने से दो दिन पहले ही तय हुआ कि मिराज 2000 के साथ AWACS यानि कि Airborne Warning and Control System को भी तैनात किया जाएगा। फैसला लिया गया कि मिराज 2000 ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरेंगे और सपोर्ट के लिए आगरा एयरबेस को भी मदद करने को कहा गया। वहीं बरेली में स्थित एयरबेस में तैनात सुखोई 30 को इमरजेंसी के लिए स्टैंड बाय पर रहने को कहा गया और एयर स्ट्राइक के दौरान मिराज को कवर देने को कहा गया।
 
पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक के लिए 25 फरवरी की शाम को अन्तिम फैसला लिया गया। जो भी इस ऑपरेशन में हिस्सा ले रहे थे उन सभी व्यक्तियों के मोबाइल फोन बंद करा दिए गए। इस पूरे ऑपरेशन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, NSA अजित डोभाल और वायुसेना प्रमुख बीरेन्द्र सिंह धनोवा निगरानी कर रहे थे।
 
एयर स्ट्राइक के लिए जैसे ही ग्वालियर एयरबेस से मिराज 2000 ने उड़ान भरी तो बरेली और आगरा एयरबेस को भी अलर्ट कर दिया गया और पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम पर निगाहें रखने को कहा गया। जैसे ही एयर स्ट्राइक के लिए मिराज 2000 पाकिस्तानी सीमा में घुसा तो भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने विमान को सूचित किया कि पाकिस्तानी F16 विमान इस समय अलर्ट पर हैं।
 
भारतीय वायु सेना ने मिराज 2000 विमानों की मदद से पाकिस्तान में घुसकर आतंकी अड्डों पर बम गिराए, लेकिन पाकिस्तान के F16 विमान कुछ नहीं कर पाए। 25 मिनट के अंदर भारत के मिराज 2000 विमान इस ऑपरेशन को अंजाम देकर वापस भारत लौट आए।
 
और इस तरह भारत ने पाकिस्तान में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को तबाह कर  जिसमें 300 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया। इस सफल ऑपरेशन के बाद इसकी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई और सुबह 4 बजे दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक में बड़ी बैठक हुई जिसमें एयर स्ट्राइक की सफलता की पुष्टि की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सफल ऑपरेशन में शामिल सभी फायटर पायलटों को बधाई दी।