HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

आखिर कैसे बेस प्राइस से महंगा हो जाता है पेट्रोल-डीज़ल, जानिए?

02 Mar 2019
जानिए कैसे तय होती हैं हर रोज़ पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें?

MAR 02(WTN) – क्या आप जानते हैं कि देश में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें कैसे तय होती हैं। यदि आप नहीं जानते हैं तो हम आपको आज बताते हैं कि आखिर कैसे देश में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों का निर्धारण हर रोज़ किया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें सबसे पहले अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार से तय होती हैं। यानि कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम में उतार-चढ़ाव के कारण ही पेट्रोल-डीज़ल के दाम में कमी या वृद्धि होती है।
 
भारत में कच्चा तेल जब रिफाइन हो जाता है और यह बिकने के लिए तैयार होता है तो उस समय की पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों को बेस प्राइस कहा जाता है। हमारे देश में बाज़ार में बिकने वाले पेट्रोल-डीज़ल का दाम उसके बेस प्राइस से काफ़ी ज्यादा है। जहां पेट्रोल का दाम बेस प्राइस से क़रीब दो गुना, तो डीज़ल का दाम उसके बेस प्राइस से क़रीब डेढ़ गुना ज्यादा है।
 
उदाहरण के लिए आपको बता दें कि कल यानि कि शुक्रवार की बात करें, तो कल दिल्ली में पेट्रोल का भाव 71.81 रुपए प्रति लीटर था तो डीज़ल का भाव 67.12 रुपए प्रति लीटर था। लेकिन यदि पेट्रोल और डीज़ल की बेस प्राइस की बात करें तो दिल्ली में पेट्रोल का बेस प्राइस शुक्रवार के दिन 34.62 रुपए लीटर और डीज़ल का बेस प्राइस 40.55 रुपए प्रति लीटर था।
 
अब आपको विस्तार से बताते हैं कि किस तरह से पेट्रोल-डीज़ल उसके बेस प्राइस से महंगे हो जाते हैं। कल यानि कि एक मार्च, 2019 को दिल्ली में पेट्रोल का बेस प्राइस 34.62 रुपये प्रति लीटर था। इसमें यदि परिवहन और अन्य लागत जोड़ दें तो इसमें 39 पैसे और जुड़ जाते हैं। इस तरह डीलर को एक लीटर पेट्रोल 35.01 रुपये का मिलता है। अब इस इस पर तरह-तरह के टैक्स लगना शुरू होते हैं।
 
सबसे पहले एक लीटर पेट्रोल पर 17.98 रुपए प्रति लीटर की दर से उत्पाद शुल्क लगता है, जिसके बाद पेट्रोल की कीमत 52.99 रुपये प्रति लीटर हो जाती है। अब इस पर 3.55 रुपए प्रति लीटर की दर से डीलर का कमीशन जुड़ता है, जिसके बाद एक लीटर पेट्रोल की कीमत 56.54 रुपये हो जाती है। अब इसमें 15.27 रुपए प्रति लीटर की दर से वैट लगता है, जिसके कारण देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव 71.81 रुपए लीटर हो जाता है।

अब आपको बताते हैं डीज़ल के दाम के बारे में विस्तार से, तो कल यानि कि 1 मार्च, 2019 को दिल्ली में डीज़ल का बेस प्राइस 40.55 रुपए लीटर था। यदि इसमें परिवहन और अन्य लागत के  36 पैसे प्रति लीटर के हिसाब से जोड़  दिये जाएं तो डीलर को एक लीटर डीज़ल 40.91 रुपए में मिला। अब डीज़ल पर 13.83 रुपये प्रति लीटर की दर से उत्पाद शुल्क लगता है, जिसके बाद एक लीटर डीज़ल की कीमत बढ़कर 54.74 रुपये प्रति लीटर हो जाती है। अब इसमें 2.50 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से डीलर का कमीशन जुड़ता है, जिसके बाद इसकी कीमत 57.24 रुपये हो जाती है। सबसे आखिरी में इसमें 9.88 रुपए वैट शामिल कर लिया जाए तो इसकी कीमत 67.12 रुपए लीटर हो गई।
 
इस तरह हर रोज देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीज़ल की दाम इसी तरह से तय होते हैं। हर राज्य में परिवहन और अन्य लागत के साथ साथ वैट और डीलर का कमीशन जुड़ने के बाद पेट्रोल-डीज़ल के दाम बेस प्राइस से कहीं ज्यादा हो जाते हैं। पेट्रोल-डीज़ल पर टैक्स की दर ज्यादा होने के सवाल पर केन्द्र और राज्य सरकारों का तर्क है कि इसी टैक्स से मिले पैसे को देश के विकास कार्य में खर्च किया जाता है।