HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

पारिवारिक मूल्यों पर आधारित टीवी सीरियल और फ़िल्में बनवाएगा आरएसएस!

12 Mar 2019
सीरियल्स और फ़िल्मों के जरिये भारतीय परिवारों को एकजुटताका सन्देश देगा संघ

MAR 12 (WTN) – भारतीय संस्कृति और भारतीय विचारधारा के प्रति समर्पित और उसे समाज में प्रचारित और प्रसारित करने में अग्रणी भूमिका निभाने वाला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब परिवार को जोड़ने के लिए और परिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए इससे जुड़े टीवी सीरियल्स और फ़िल्में बनवाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संघ ने निर्माताओं से अनुरोध किया है कि पारिवारिक मूल्यों से जुड़े टीवी सीरियल्स और फ़िल्में बनाई जाएं, जिससे परिवारों में सकारात्मक माहौल बन सके।
 
कहा जा रहा है कि संघ के अनुरोध के बाद उसकी विचारधारा से जुड़े लोग परिवारिक मूल्यों से जुड़ीं फिल्में और टीवी सीरियल्स बना सकते हैं जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरएसएस भारतीय परिवारों को मजबूत बनाए रखने के लिए 'कुटुम्ब प्रबोधन' जैसे कार्यक्रम सालों से चलाता आ रहा है। इसके तहत संघ परिवार के सदस्यों को सप्ताह में एक दिन एक साथ भोजन करने की सलाह देता है जिससे परिवार के लोगों में आपसी प्रेम बढ़े।
 
अपने इसी कुटुम्ब प्रबोधन कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए संघ परिवारिक मूल्यों पर आधारित टीवी सीरियल्स और फ़िल्में बनवाने पर विचार कर रहा है। काफ़ी समय से टीवी पर आने वाले डेली सोप सीरियल्स का संघ अध्ययन कर रहा है। संघ के मुताबिक इन टीवी सीरियल्स में भारतीय परिवारों का गलत चित्रण किया जाता है जिसके कारण युवाओं के मन में परिवार के प्रति खराब छवि बन रही है। संघ का मानना है कि टीवी सीरियल्स और फ़िल्मों में अवैध सम्बन्ध, शराखखोरी और अनैतिक कामों का महिमामण्डन किया जाता है जिसके कारण भारतीय परिवारों में नकारात्मक प्रभाव पड़ रहे हैं।

अब देखते हैं कि संघ की पहल के बाद कौन लोग आगे आकर पारिवारिक मूल्यों पर आधारित टीवी सीरियल्स और फिल्में बनाते हैं। यह सच है कि टीवी और फिल्मों का काफ़ी असर समाज पर होता है। कई अपराध में अपराधियों ने कबूल किया है कि उन्हें अपराध करने का आइडिया टीवी या फिल्म देखकर आया। वहीं कुछ समाजशास्त्रियों का मानना है कि टीवी और फिल्मों के कारण समाज में अवैध सम्बन्धों को बढ़ावा मिला है।