MAR 19 (WTN) – विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में होने जा रहे सबसे बड़े चुनाव, यानि कि लोकसभा चुनाव के लिए व्हाट्सएप ने डिजिटल लिट्रेसी बढ़ाने के लिए नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कम्पनीज यान कि NASSCOM के साथ साझेदारी की है। कहा जा रहा है कि इस साझेदारी के पीछे मुख्य उद्देश्य फर्जी ख़बरों को प्रचारित करने से रोकना, और ख़बर की सच्चाई के बारे में यूजर्स को बताना है।

व्हाट्सएप के मुताबिक़, NASSCOM के साथ साझेदारी का मुख्य लक्ष्य देश के लगभग एक लाख नागरिकों तक पहुंच बनाना है, ताकि उन्हें लोकसभा चुनाव से पहले व्हाट्सएप पर सुरक्षित रहने के ट्रिक्स सिखाए जा सकें, और उन्हें फर्जी ख़बरों को पहचानने के लिए प्रशिक्षित किया जा सके।

जानकारी के मुताबिक, इस तरह के प्रशिक्षण का पहला बैच 27 मार्च को दिल्ली में शुरू होने की उम्मीद है, इसके बाद ग्रामीण और शहरी स्थानों के प्रतिनिधियों के लिए अलग-अलग जगहों पर वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही व्हाट्सएप ने रोड शो और कॉलेजों में युवाओं के साथ बातचीत करने की भी योजना बनाई है, और इस सब काम के लिए NASSCOM Foundation अपनी ओर से प्रशिक्षित होने के लिए वॉलंटियर्स मुहैया कराएगा।

NASSCOM Foundation के 'Each One, Teach Three' अभियान के तहत, हर प्रशिक्षित व्यक्ति को कम से कम तीन अन्य लोगों को अपनी ट्रेनिंग के बारे में बताना होगा, साथ ही वॉलंटियर्स को सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर भी अपनी ट्रेनिंग की मुख्य बातों को शेयर करना होगा। कम्पनी का मानना है कि ऐसा करने से लाखों लोगों को इस बात का पता चल सकेगा कि वे किस तरह से संदिग्ध कंटेंट को चेक कर सकते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस ट्रेनिंग के लिए बाकायदा एक विशेष पाठ्यक्रम तय किया गया है, जिसे व्हाट्सएप और नैसकॉम ने मिलकर तैयार किया है और इस पाठ्यक्रम को भारत की कई क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध करवाया जाएगा। प्रशिक्षण में वॉलंटियर्स को व्हाट्सएप के उपयोगी टूल्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी, और इन्हीं टूल्स की मदद से यूजर्स फॉरवर्ड किए गए मैसेज की सच्चाई को वेरिफाइ कर पाएंगे। इतना ही नहीं, यूजर्स संदिग्ध कंटेट के फैक्ट की जांच कर उसकी फैक्ट चेकर्स और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी को रिपोर्ट भी कर सकेंगे।