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जानिए किस तरह के कंटेंट को आपत्तिजनक मानकर उसे बैन कर रहा है फेसबुक?

28 Mar 2019
White Nationalism और Separatism जल्द ही फेसबुक पर होंगे बैन

MAR 28 (WTN) – यदि आप फेसबुक पर कुछ ऐसा पोस्ट करते हैं जो कि आपत्तिजनक है, तो जरा सावधान हो जाइये, क्योंकि इस तरह के कंटेंट को फेसबुक बैन करने जा रहा है। जी हां सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वो जल्द ही फेसबुक से White Nationalism और Separatism को बैन कर देगा। फेसबुक ने यह फ़ैसला न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुए हमले के बाद लिया है, जहां एक शूटर ने मस्जिद में घुस कर 50 लोगों की हत्या कर दी थी।
 
समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए, फेसबुक ने साफ़ किया है कि उसकी नई पॉलिसी के तहत, फेसबुक और इंस्टाग्राम से श्वेत राष्ट्रवाद (White Nationalism) और अलगाववाद (Separatism) की प्रशंसा, समर्थन और प्रतिनिधित्व को बैन किया जा रहा है, और ये बैन अगले सप्ताह से लागू होंगे।
 
फेसबुक ने अपनी ज़िम्मेदारियों को समझते हुए साफ़ किया है कि इस तरह के कॉन्सेप्ट पूरी तरह से नफ़रत फ़ैलाने वाले संगठनों के साथ सम्बन्धित होते हैं, और इस तरह की विचारधारा के लिए फेसबुक में कोई भी जगह नहीं है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ समय पहले ही फेसबुक ने White Supermacist कंटेंट को बैन कर दिया था, लेकिन श्वेत राष्ट्रवाद (White Nationalism) को बैन करना एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। हालांकि फेसबुक ने अपने जिस ब्लॉग पोस्ट में इन सब बातों का जिक्र किया है, वहां पर उसने न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुए हमले का जिक्र नहीं किया है।

फेसबुक के अनुसार, पिछले तीन महीनों में कम्पनी ने सिविल सोसाइटी के उन लोगों से बातचीत की है, जो इस मामले के एक्सपर्ट हैं और उन्होंने ये कन्फर्म किया है कि White Nationalism और Separatism को White Supermacy के हेट ग्रुप से अलग नहीं रख सकते हैं।
 
ऐसा नहीं है कि फेसबुक ने जल्दबाजी में ही इस तरह के कंटेंट को बैन करने की दिशा में कदम आगे बढ़ाया है, बल्कि कम्पनी ने इस तरह के कंटेंट को बैन करने से पहले इस तरह के संगठनों के बारे में पूरी जांच पड़ताल की है और इसे खतरनाक बताया है। फेसबुक ने अपनी पॉलिसी को साफ़ करते हुए कहा कि लोग अभी भी अपने धर्म को लेकर गर्व का प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन श्वेत राष्ट्रवाद और श्वेत अलगाववाद के लिए प्रशंसा या समर्थन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वहीं फेसबुक ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि नफ़रत फैलाने वाले इस तरह के कंटेंट को बैन करना ही इस समस्या का अन्त नहीं है, बल्कि कम्पनी ऐसे लोगों के साथ कनेक्ट होगी, जो इस तरह के राष्ट्रवाद और अलगाववाद से जुड़े हुए हैं।
 
वहीं कुछ दिनों पहले फेसबुक ने अपने एक ब्लॉग पोस्ट में कश्मीर को एक अलग देश बता दिया था। इस पर विवाद बढ़ने के बाद फेसबुक ने अपनी गलती में सुधार करते हुए माफी मांग ली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेसबुक के सायबर सिक्योरिटी पॉलिसी प्रमुख नैथनियल ग्लेचर ने एक ब्लॉग पोस्ट किया था, और इसमें उन्होंने कश्मीर को भारत से अलग एक स्वतंत्र राष्ट्र बताया था।

जब इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई, तो फेसबुक ने ब्लॉग से इस संदर्भ को हटा लिया। इस बारे में फेसबुक ने कहा, “कश्मीर पर हुई गलतफहमी को लेकर हम माफी चाहते हैं। दरअसल, हम ऐसे देश और क्षेत्रों की सूची बना रहे थे, जिन पर ईरानी नेटवर्क का प्रभाव था। ऐसे में हमने भूल से कश्मीर को भी इस सूची में शामिल कर लिया। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था। हमने ब्लॉग में सुधार कर लिया है। हम किसी भी तरह की गलतफहमी को लेकर माफी चाहते हैं।”