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जानिए अब क्यों भारत से डरा पाकिस्तान?

11 Apr 2019
एंटी-बैलेस्टिक मिसाइल सिस्टम S-400 और ASAT परीक्षण से डरे पाकिस्तान ने भारत से लगाई ‘वार्ता’ की गुहार

APR 11 (WTN) – आतंक फैलाने के लिए पूरी दुनिया में कुख्यात पाकिस्तान हमेशा से ही भारत से होड़ करने की कोशिश करता रहता है, लेकिन वो बात अलग है कि भारत सैन्य और आर्थिक रूप से पाकिस्तान से कहीं ज्यादा ताकतवर है। सर्जिकल स्ट्राइक और फ़िर एयर स्ट्राइक करके भारत ने पाकिस्तान को बता दिया है कि भारत की सैन्य ताकत के सामने पाकिस्तान अभी काफ़ी कमज़ोर है।

भारत हमेशा से ही अपनी सुरक्षा के लिए काफ़ी सतर्क रहा है, खासकर 1962 के चीन युद्ध के बाद से भारत ने सबक सीख लिया है कि उसे पाकिस्तान के साथ-साथ चीन से भी खुद को सुरक्षित रखना है। इसलिए भारत धीरे-धीरे खुद को हथियारों के साथ-साथ युद्ध के समय उपयोग में आने वाली सुरक्षा प्रणालियों से लैस कर रहा है।

लेकिन भारत की सुरक्षा व्यवस्थाओं ने पाकिस्तान को परेशान कर रखा है और उसकी नींद उड़ गई है। दरअसल, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मोहम्मद कुरैशी ने रूसी S-400 हथियार को पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बताया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत ने पिछले साल 5.43 अरब डॉलर रूपए में रूस से S-400 के लिए डील साइन की थी। S-400 की पहली खेप साल 2020 में भारत को मिलेगी, जिसके बाद भारत की सैन्य क्षमता में काफी इजाफा होगा।

S-400 के बारे में पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी का कहना है, “पड़ोसी देश भारत की पारम्परिक हथियारों की तैनाती के साथ-साथ आक्रामक कोल्ड स्टार्ट की नीति और परमाणु पनडुब्बी, राफेल, एंटी-बैलेस्टिक मिसाइल सिस्टम समेत तमाम रणनीतिक पूंजियों का विस्तार, पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए गम्भीर खतरे का संकेत हैं।”

भारत की हथियार खरीदी से डरे पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मोहम्मद कुरैशी ने दुनिया के शक्तिशाली देशों को सलाह दे डाली है कि भारतीय उपमहाद्वीप में हथियारों की आपूर्ति को लेकर दुनिया की ताकतों को सतर्क होकर अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।

दरअसल पाकिस्तान S-400 एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम से डरा हुआ है। भारतीय सेना में इसकी एंट्री होने के साथ ही भारत दुनिया की उन सैन्य ताकतों में शामिल हो जाएगा जो बैलिस्टिक मिसाइल का हमला होने पर उसे हवा में ही मारकर गिरा सकेंगी। S-400 से डरे पाकिस्तान का तर्क है कि भारत के पास S-400 होने से रणनीतिक स्थिरता के लिए चुनौती पैदा हो सकती है और सुरक्षा के भ्रामक माहौल में ये किसी हादसे को अंजाम दिलवा सकती है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी प्रतिबंध की धमकी के बावजूद, अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस के साथ 5.43 अरब डॉलर में पांच S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए डील पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि तब भी पाकिस्तान ने इस डील पर ऐतराज जताते हुए इसे दक्षिण एशिया के लिए ख़तरा बताया था। लेकिन भारत और रूस, दोनों ही देशों ने पाकिस्तान के ऐतराज पर कोई भी तवज्जो नहीं दी थी।

पाकिस्तान S-400 एयर डिफेंस सिस्टम से ही नहीं, बल्कि कुछ दिनों पहले भारत द्वारा अंतरिक्ष में किये गये “मिशन शक्ति” से भी खौफ खाया हुआ है। पाकिस्तान ने भारत के ASAT परीक्षण पर चिंता जताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आगाह किया है कि वो भारत के साथ एडवांस तकनीक साझा ना करे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ASAT परीक्षण के बाद भारत अब किसी भी देश के सैटेलाइट को अंतरिक्ष में ही मार गिराने में सक्षम हो गया है।

आतंक और आतंकवाद को पनाह देने वाले देश पाकिस्तान ने अब खुद को शांतिप्रिय देश कहना शुरू कर दिया है। भारत की सैन्य ताकत से डरे पाकिस्तान का कहना है कि पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है और पड़ोसी (भारत) को यह समझना चाहिए कि बातचीत ही एक मात्र रास्ता है।

भारत की सैन्य शक्ति से घबराया पाकिस्तान अब दुनिया के शक्तिशाली देशों को सलाह दे रहा है कि वे भारत के साथ उच्च तकनीक का हस्तांतरण नहीं करें। दरअसल पाकिस्तान एक असफल देश है, जिसके नागरिक गरीबी में जी रहे हैं और देश पर करोड़ों डॉलर का कर्ज है। लेकिन फ़िर भी पाकिस्तान अपने नागरिकों की गरीबी दूर करने के बजाय भारत में आतंकी गतिविधियों को फैलाने में लगा रहता है।

भारत जानता है कि पाकिस्तान में सेना का दबदबा वहां की सरकारों पर रहता है, ऐसे में भारत को हमेशा ही सतर्क रहने की जरूरत है। और इसलिए ही भारत अपनी सैन्य ताकत में लगातार इजाफा कर रहा है, जिससे डरा पाकिस्तान पूरी दुनिया से भारत का साथ ना देने की गुहार लगा रहा है। पर वो इसमें असफल साबित हो रहा है, क्योंकि पूरी दुनिया आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध में भारत के साथ खड़ी है।