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...तो आने वाले हैं किसानों और अर्थव्यस्था के ‘अच्छे दिन’

16 Apr 2019
सामान्य मॉनसून के पूर्वानुमान की ख़बर से किसानों और अर्थव्यवस्था को मिली राहत
 
APR 16 (WTN) – यदि सभी कुछ अनुमानों के अनुसार ही रहा, तो आने वाला समय भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए काफ़ी शानदार रहने वाला है और उसमें तेज़ी देखी जा सकती है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि यदि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की बात पर विश्वास किया जाए, तो इस साल मॉनसून की बारिश सामान्य रह सकती है। यदि ऐसा रहता है तो इससे कृषि पैदावार अच्छी होगी और देश की अर्थव्यवस्था को काफ़ी मज़बूती मिलेगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय कृषि ज्यादातर मॉनसून की बारिश पर ही निर्भर रहती है। देश की क़रीब आधी खेती की ज़मीन सिंचाई के लिए मॉनसूनी बारिश पर ही निर्भर है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक़, दीर्घकालिक अवधि में मॉनसून की बारिश का औसत 96 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। गौरतलब है कि मौसम विभाग 96 प्रतिशत से 104 प्रतिशत के बीच हुई बारिश को औसत या सामान्य मॉनसून के रूप में परिभाषित करता है।

यदि पिछले सालों की बारिश के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो साल 2017 में 95 प्रतिशत और साल 2018 में 91 प्रतिशत बारिश हुई थी। यानि कि इन दोनों ही सालों में बारिश सामान्य से कम रही थी। लेकिन इस साल यानि कि 2019 में मॉनसून सीजन के दौरान देश में बारिश का वितरण काफ़ी अच्छा रहने वाला है, जिसका लाभ ख़रीफ़ के सीजन में किसानों को होगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय अर्थव्यस्था के लिए मॉनसून की बारिश काफ़ी मायने रखती है। मॉनसून की बारिश भारत की कृषि आधारित क़रीब 2.6 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ बाक़ी अर्थव्यस्थाओं के लिए भी काफ़ी महत्वपूर्ण है। जाहिर है कि सामान्य मॉनसून के कारण ख़रीफ़ सीजन में फ़सल अच्छी होती है, और पैदावार अच्छी होने से ग्रामीण इलाके में लोगों की आय बढ़ती है।

पैदावार अच्छी होने से ग्रामीण इलाकों में किसान समेत किसानी के काम में लगे लोगों की आय बढ़ने से उनकी क्रय शक्ति बढ़ती है, जिसके कारण ऑटोमोबाइल और घरेलू उपयोग के इलेक्ट्रॉनिक सामान समेत अन्य उत्पादों की जमकर बिक्री होती है। ऐसे में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, गारमेन्ट और अन्य सेक्टर में ख़रीदी की भारी डिमाण्ड होती है, जिसके कारण अर्थव्यस्था में तेज़ी आती है।

इतना ही नहीं, अच्छे मॉनसून की वजह से पैदावार अच्छी होती है तो महंगाई भी नियंत्रण में रहती है। जब महंगाई नियंत्रण में रहती है तो रिज़र्व बैंक भी सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ब्याज दरों में कटौती के लिए बाध्य हो जाता है। हालांकि अच्छी पैदावार होने के बाद फ़सलों की क़ीमत कम होती है जिसके कारण किसानों में नाराज़गी देखी जाती है। लेकिन फ़िर भी मॉनसून के सामान्य रहने से अर्थव्यवस्था में तेज़ी के हमेशा आसार रहते हैं।

कृषि अर्थव्यवस्था के जानकारों के मुताबिक़, मॉनसून की बारिश अच्छी होने से सोयाबीन, गन्ना, कपास, मक्का और चावल जैसी फ़सलों का उत्पादन अच्छा होगा। उत्पादन अच्छा होने से किसानों के पास पैसा आएगा और उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी। क्रय शक्ति बढ़ने से किसान बाज़ार की तरफ़ रूख करेगा जिसके कारण स्वाभाविक रूप से अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी। तो कहा जा सकता है कि सामान्य मॉनसून के संकेत से साफ़ है कि आने वाले दिन देश की अर्थव्यस्था के लिए काफ़ी अच्छे हैं।

सामान्य मॉनसून की घोषणा के बाद अब ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, गारमेन्ट और अन्य सेक्टर से जुड़ी कम्पनियां अपने उत्पादन में बढ़ोतरी करेंगी, ऐसा इसलिए क्योंकि अच्छे मॉनसून के बाद अच्छी फ़सलें आएंगी जिसके कारण किसान की आय बढ़ेगी और वो ख़रीदी के लिए बाज़ार का रूख करेगा। यानि कि सामान्य मॉनसून के पूर्वानुमान की ख़बर किसानों के साथ-साथ उद्योगों के लिए भी राहत लेकर आई है।