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भोपाल में सिंह बनाम साध्वी!

17 Apr 2019
भोपाल में दिलचस्प हो सकता है लोकसभा चुनाव, दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ साध्वी प्रज्ञा को टिकट दे सकती है भाजपा

APR 17 (WTN) – तो क्या भोपाल लोकसभा सीट पर सिंह बनाम साध्वी के बीच मुक़ाबला होने जा रहा है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कहा जा रहा है कि जल्द ही साध्वी प्रज्ञा भाजपा ज्वाइन कर सकती हैं और भाजपा उन्हें भोपाल लोकसभा सीट से दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ चुनाव मैदान में उतार सकती है। यदि ऐसा होता है तो भोपाल लोकसभा सीट पर एक दिलचस्प मुक़ाबला देखने को मिल सकता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साध्वी प्रज्ञा आज भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंची और वहां पर पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाक़ात की, जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि साध्वी प्रज्ञा भोपाल से लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी हो सकती हैं और इसके लिए वे जल्द ही भाजपा ज्वाइन कर सकती हैं।

हालांकि, मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में आरोपी रहीं प्रज्ञा ठाकुर के भोपाल से चुनाव लड़ने को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कहा जा रहा है कि दिग्विजय सिंह को घेरने के लिए भाजपा साध्वी प्रज्ञा को टिकट दे सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब भोपाल सीट पर कांग्रेस की तरफ़ से दिग्विजय सिंह के चुनाव लड़ने की घोषणा हुई थी तो खुद साध्वी प्रज्ञा ने दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर की थी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साध्वी प्रज्ञा मध्य प्रदेश के भिण्ड ज़िले की रहने वाली हैं। वे काफ़ी समय से आरएसएस और ABVP से जुड़ी रही हैं। बीमारी के कारण पिछले कुछ सालों से भोपाल में ही उनका इलाज चल रहा है। आरोप है कि मालेगांव ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई बाइक साध्वी प्रज्ञा के नाम पर ही रजिस्टर्ड थी।

साध्वी प्रज्ञा हमेशा से ही दिग्विजय सिंह की विरोधी रही हैं। साध्वी प्रज्ञा का कहना है कि दिग्विजय सिंह देश विरोधी और हिन्दू विरोधी हैं। साध्वी प्रज्ञा यदि भोपाल सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ती हैं तो इस सीट पर रोचक मुक़ाबला देखने को मिल सकता है। भोपाल सीट परम्परागत रूप से भाजपा की सीट रही है। साल 1989 के लोकसभा चुनाव से भाजपा लगातार इस सीट से जीत हासिल करती आ रही है, यानि कि पिछले 30 सालों से भोपाल में भाजपा का सांसद है।
 
15 सालों के बाद राज्य में सत्ता वापसी कर रही कांग्रेस को इस लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने की सम्भावना दिख रही है। इसलिए कांग्रेस दिग्विजय सिंह जैसे कद्दावर नेता को भोपाल सीट से चुनाव लड़ा रही है ताकि भाजपा की इस परम्परागत सीट पर जीत हासिल की जा सके। भोपाल लोकसभा सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या काफ़ी है, ऐसे में कांग्रेस को विश्वास है कि मुस्लिम मतदाताओं के दम पर दिग्विजय सिंह इस सीट पर आसानी से जीत हासिल कर सकते हैं।

लेकिन यदि भाजपा के टिकट पर साध्वी प्रज्ञा भोपाल सीट से चुनाव लड़ती हैं तो दिग्विजय सिंह की जीत पर सवालिया निशान लग सकता है। साध्वी प्रज्ञा को दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ टिकट देकर भाजपा एक तीर से कई शिकार करने की रणनीति में है। खुद के बयानों के कारण दिग्विजय सिंह की छवि हिन्दू विरोधी बन गई है, जिसके कारण यदि भाजपा दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ साध्वी प्रज्ञा को टिकट देती है तो साफ़ तौर से हिन्दूवादी वोट बैंक साध्वी प्रज्ञा के साथ जाएगा।

वहीं साध्वी प्रज्ञा महिला हैं और उन्होंने समय-समय पर आरोप लगाए हैं कि कांग्रेस के इशारे पर ही उन्हें मालेगांव ब्लास्ट मामले में फंसाया गया और उन्हें प्रताड़ित किया गया। इन दोनों ही फैक्टर के कारण दिग्विजय सिंह को साध्वी प्रज्ञा का सामना करने में काफ़ी सवालों के जवाब देने पड़ेंगे। अब देखते हैं कि भोपाल की जनता क्या फ़ैसला लेती है? वैसे 1989 के लोकसभा चुनाव से भाजपा इस सीट पर जीत हासिल करती आ रही है, लेकिन देखते हैं कि इस बार क्या दिग्विजय सिंह भाजपा की इस परम्परागत सीट पर जीत हासिल कर पाते हैं कि नहीं?