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जानिए भारतीय रेल में किराये पर मिलने वाली रियायत के नियम

18 Apr 2019
क्योंकि आपका जानना जरूरी है: रेलवे में सिर्फ़ बेसिक किराये पर ही मिलती है रियायत

APR 18 (WTN) – भारतीय रेलवे अपना सामाजिक दायित्व निभाते हुए कई लोगों को यात्री किराये में रियायत प्रदान करता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्टडी टूर के लिए जा रहे विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, कुछ गम्भीर बीमारियों के मरीजों, दिव्यांगजनों, शहीदों की पत्नी, खिलाड़ियों, बेरोजगार युवाओं आदि को भारतीय रेलवे ट्रेन टिकिट बुकिंग किराये में रियायत प्रदान करता है।



भारतीय रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, किराये में मिलने वाली सभी रियायतें मेल या एक्सप्रेस ट्रेन के बेसिक किराए पर ही लागू होती हैं। वहीं यदि यात्रा का किराया सरकार (राज्य या केंद्र), लोकल अथॉरिटी, कॉर्पोरेट या यूनिवर्सिटी द्वारा उठाया जा रहा है तो यात्री को इस पर कोई छूट नहीं मिलेगी।



भारतीय रेलवे सिर्फ़ बेसिक किराये पर ही रियायत प्रदान करता है और वो भी कम से कम 300 किलोमीटर की यात्रा पर। रिजर्वेशन चार्ज और सुपरफास्ट चार्ज आदि पर कोई रियायत नहीं मिलती है। हालांकि राजधानी, शताब्दी और जन शताब्दी जैसी ट्रेनों में कैटरिंग चार्ज पर रियायत मिलती है।



कोई भी यात्री एक समय पर सिर्फ़ एक ही रियायत का लाभ ले सकता है। यानि कि यात्रा के दौरान वो दो रियायतों का फायदा नहीं उठा सकता है, यदि वो ऐसा करता है तो यह नियमों के ख़िलाफ़ है। वहीं दो लोगों के लिए टिकिट में छूट को अलग अलग गिना जाता है।



वरिष्ठ नागरिकों को छोड़कर, ट्रेन में यात्रा करते समय किराये में रियायत लेने पर किस कारण से रियायत मिली है उससे सम्बन्धित प्रमाण पत्र दिखाना जरूरी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रमाण पत्र सिर्फ़ भारत में ही सम्बन्धित व्यक्ति/संगठन द्वारा जारी किया होना चाहिये ना कि विदेश के किसी व्यक्ति/संगठन द्वारा।



वरिष्ठ नागरिकों को टिकट खरीदते समय किसी भी तरह का आयु प्रमाण-पत्र दिखाने की जरूरत नहीं होती है। रेलवे के नियम के मुताबिक़ रियायती टिकिट मांगने पर जारी की जाती है और इसके लिए आरक्षण फार्म में विकल्प दिया जाता है। हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा के दौरान अपनी आयु का प्रमाण पत्र साथ रखना जरूरी है जो कि मांगने पर उन्हें दिखाना होगा।



रेलवे के नियमों के अनुसार रियायती टिकिटधारी अपने वास्तविक टिकट के किराये के अंतर का भुगतान करके भी उच्च श्रेणी में टिकिट नहीं ले सकता है। हालांकि प्रथम श्रेणी में रियायत के लिए पात्र व्यक्ति प्रथम श्रेणी रियायती किराये का भुगतान करके और साथ ही एसी 2-टीयर स्लीपर एवं प्रथम श्रेणी के वास्तविक किरायों के अंतर का भुगतान करके एसी 2-टीयर या स्लीपर क्लास के लिए टिकिट खरीद सकता है।



वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सीजन टिकटों, सर्कुलर यात्रा टिकटों के साथ-साथ प्रतिष्ठित गाड़ियों जैसे राजधानी एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस आदि में, जिनकी किराया संरचना में सभी सुविधाओं सहित किराया शामिल होता है, टिकिटों पर रियायत देय नहीं होती है। हां एक्सप्रेस गाड़ियों में यात्री को रियायत दी जाती है।



जब भी दो या दो से अधिक व्यक्तियों के लिए रियायती टिकिट या सीजन टिकिट या सर्कुलर यात्रा टिकिट जारी किए जाते हैं, ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति के लिए रियायती किराये की गणना अलग से की जाती है। यह सभी तरह की रियायतें केवल स्टेशनों/आरक्षण कार्यालयों/बुकिंग कार्यालयों के काउंटरों से मिल सकती हैं।