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व्हाट्सएप के कारण फेसबुक को हो रहा है ‘घाटा’!

27 Apr 2019
प्राइवेट सोशल प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर ज्यादा समय बिता रहे हैं लोग, फेसबुक को हो रहा नुकसान
 
APR 27 (WTN) – मोबाइल क्रांति के बाद दुनिया में फेसबुक और व्हाट्सएप की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। आज की दुनिया में जिसके पास भी स्मार्ट फ़ोन है, वो फेसबुक और व्हाट्सएप का इस्तेमाल मनोरंजन और सम्पर्क के लिए करता है। जैसा कि आप जानते हैं कि व्हाट्सएप का पांच साल पहले फेसबुक ने अधिग्रहण कर लिया था। अब जबकि व्हाट्सएप की मालिकाना कम्पनी फेसबुक है, पर फेसबुक कम्पनी के लिए अब व्हाट्सएप परेशानी का कारण बनता जा रहा है।

फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने खुद यह बात मानी है कि अनकी कम्पनी के लिए व्हाट्सएप एक 'अलाभकारी' ऐप साबित हो रहा है। मार्क जुकरबर्ग के मुताबिक़, “व्हाट्सएप के कारण उनकी कम्पनी के अन्य सोशल मीडिया ऐप पर लोग ज्यादा समय नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण फेसबुक के लिए अमेरिकी समेत भारत जैसे बड़े मार्केट में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।”

वहीं फेसबुक के सीईओ जुकरबर्ग ने डेटा लोकलाइजेशन को लेकर कमज़ोर नियमों के ख़िलाफ़ अपनी बात दोहराई। हालांकि, यहां पर उन्होंने किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया। जुकरबर्ग ने  इस बारे में कहा, “आप मानते हैं कि हम देश में सेंसिटिव डेटा स्टोर नहीं करते हैं, जहां कमज़ोर सरकारी नियमों के कारण डेटा तक आसानी से पहुंच बनाई जा सकती है।” आगे जुकरबर्ग ने कहा कि डेटा लोकलाइजेशन पर हमारा कदम एक रिस्क है। यदि हमें किसी देश में ब्लॉक किया जाता है, तो ये हमारे कारोबार और कम्यूनिटी दोनों को नुकसान पहुंचाएगा।

वहीं जुकरबर्ग से जब यह पूछा गया कि क्या प्राइवेट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप, पब्लिक प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम को रिप्लेस कर सकता है। तो उन्होंने बताया, “ जैसा कि प्राइवेट प्लेटफॉर्म आगे बढ़ रहे हैं, हमें भारत जैसे देश में पब्लिक प्लेटफॉर्म पर कुछ कमी नज़र आ रही है क्योंकि यहां पर व्हाट्सएप बहुत प्रचलित हैं।”

वैसे यदि पूरी दुनिया की बात की जाए तो लोग प्राइवेट और पब्लिक दोनों ही सोशल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहते हैं, लेकिन प्राइवेट प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप का उपयोग इन दिनों ज्यादा हो रहा है और इसके कारण पब्लिक प्लेटफॉर्म को नुकसान हो रहा है। इस बारे में जुकरबर्ग का मानना है कि वे प्राइवेट सोशल प्लेटफॉर्म को एक रिस्क से ज्यादा एक मौक़े के रूप में देखते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पूरी दुनिया भर में प्रचलित व्हाट्सएप, फेसबुक के लिए पिछले पांच सालों से अलाभकारी बना हुआ है। पांच साल पहले ही फेसबुक ने व्हाट्सएप का अधिग्रहण किया था।

दरअसल, पब्लिक सोशल प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम में विज्ञापनों की गुंजाइश रहती है, जिससे कम्पनी को करोड़ों डॉलर्स का लाभ होता है। लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि व्हाट्सएप प्राइवेट सोशल प्लेटफॉर्म है और इसमें विज्ञापन की गुंजाइश नहीं रहती है। इसी कारण व्हाट्सएप की मालिकाना कम्पनी फेसबुक को यह ऐप अलाभकारी साबित हो रहा है।

व्यक्तिगत सम्पर्क के लिए आजकल व्हाट्सएप का प्रचलन ज्यादा हो रहा है ना कि फेसबुक और इंस्टाग्राम का। जानकारों का मानना है कि डेटा और प्राइवेसी लीक के कारण लोगों का रुझान व्हाट्सएप जैसे प्राइवेट सोशल प्लेटफार्म की तरफ़ ज्यादा है। अब जबकि लोग फेसबुक पर कम समय दे रहे हैं, ऐसे में मार्क जुकरबर्ग की व्हाट्सएप के प्रति जताई जा रही चिंता स्वाभाविक है कि इसके कारण फेसबुक को 'नुकसान' उठाना पड़ रहा है।