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सोशल मीडिया पर रहें ‘सावधान’, निर्वाचन आयोग की है आप पर ‘नज़र’!

02 May 2019
सोशल मीडिया पर नेताओं के क्रॉपिंग वाले वीडियो पोस्ट करना है अपराध’, दर्ज हो सकता है केस  

MAY 02 (WTN) – भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसमें सभी को अपनी बात कहने के लिए अभिव्यक्ति की आज़ादी संविधान के दायरे में मिली हुई है। एक समय था जब समाचार पत्र और पत्रिकाओं में राजनेताओं और राजनीति पर व्यंग्य और लेख छपा करते थे। समय के साथ बदलाव हुआ और समाचार पत्र और पत्रिकाओं का स्थान सोशल मीडिया ने ले लिया, और राजनेताओं और राजनीति पर व्यंग्य अब इस प्लेटफॉर्म के जरिये हो रहे हैं।

एक समय था जब समाचार पत्र और पत्रिकाओं में छपने वाले व्यंग्य स्तरीय होते थे और शब्दों की मर्यादा के साथ उसमें कटाक्ष होता है। लेकिन देखा गया है कि सोशल मीडिया में अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर स्तरीय व्यंग्य करने की बजाय सामने वाले का मजाक उड़ाया जाता है। इस समय जबकि देश में लोकसभा चुनाव चल रहे हैं, ऐसे में देखा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग नेताओं की हंसी उड़ाने के चक्कर में उनके चेहरे को क्रॉप करके उसका या तो वीडिया बनाते हैं या फ़िर मीम में उसका उपयोग करते हैं। पर यदि आप ऐसा कर रहे हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा करना निर्वाचन आयोग के नियमों के विरूद्ध है।

जैसा कि आप जानते हैं कि इन दिनों सोशल मीडिया लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार का एक माध्यम बन गया है। राजनेता और राजनीतिक दल सोशल मीडिया के माध्यम से अपना प्रचार करते हैं जो कि आजकल सबसे सस्ता और सुलभ साधन माना जाता है। लेकिन देखा गया है कि राजनेताओं के लिए सोशल मीडिया एक मुसीबत का कारण बनता जा रहा है। आपने नोटिस किया होगा कि विभिन्न नेताओं की तस्वीर क्रॉप कर लोग रैप सॉन्ग वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। इन वीडियो में राजनेताओं को नाचता हुआ दिखाया जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया पर ऐसा करना निर्वाचन आयोग की नज़र में अपराध है। यदि कोई ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उस पर सीधा केस दर्ज होगा। आयोग का कहना है कि क्रॉपिंग कर फ़ोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करना अपराध की श्रेणी में आता है और यह आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।

यदि निर्वाचन आयोग को इस बारे में जानकारी मिलती है कि किसी ने आपत्तिजनक पोस्ट डाली है, तो उस पर केस करने की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के मुताबिक़, चुनाव आयोग की मॉनीटरिंग कमेटी सोशल मीडिया पर लगातार नज़र रखे हुए है। हालांकि, अभी तक किसी पर भी इस तरह का मामला दर्ज नहीं किया गया है।

लेकिन हमारी आपको सलाह है कि सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने या शेयर करने से पहले सावधान रहें। सोशल मीडिया पर आप जो भी पोस्ट या शेयर करें तो उसमें किसी भी तरह से आपत्तिजनक क्रॉपिंग वाले वीडियो नहीं होना चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि सोशल मीडिया पर आप जो पोस्ट कर रहे हैं उसकी भाषा मर्यादित होना चाहिए। झूठी या विवादित पोस्ट पर आपके ख़िलाफ़ केस दर्ज हो सकता है, इसलिए सोशल मीडिया पर सावधान रहें।