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सेना में अधिकारियों की भारी कमी, प्लानिंग के तहत युवाओं को आकर्षित करने की योजना

09 May 2019
अधिकारियों की कमी से परेशान सेना ने युवाओं को दिया आकर्षक पैकेज का ऑफर

MAY 09 (WTN) – क्या आप जानते हैं कि परमाणु शक्ति सम्पन्न देश भारत की तीन सेनाएं अधिकारियों की कमी से जूझ रही हैं। जी हां आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारतीय सेना के तीनों ही अंगों में अधिकारियों की कमी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस समय थल सेना को 49,933 सैन्य अधिकारियों की ज़रूरत है, लेकिन इस समय सिर्फ़ 42,635 अधिकारी ही थल सेना में सेवाएं दे रहे हैं।
 
यानी कि भारतीय थल सेना को क़रीब सात हज़ार अधिकारियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भारतीय नौसेना में 1,606 अधिकारियों की कमी है। हालांकि, वायु सेना में अधिकारियों की ज़्यादा कमी नहीं है और यहां पर अधिकारियों के सिर्फ़ 192 पद ही ख़ाली हैं।
 
पिछले कुछ समय से दिखा गया है कि देश के युवाओं में सेना की नौकरी के लिए रुझान कम होता जा रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना युवाओं को सेना की नौकरी ज्वॉइन करने के लिए प्रोत्साहित करने जा रही है। जानकारी के मुताबिक़, सेना ने तय किया है कि शॉर्ट सर्विस कमीशन में ज़्यादा से ज़्यादा युवा शामिल हों इसके लिए बढ़िया सैलेरी पैकेज, पेड स्टडी लीव और 10 या 14 साल का कार्यकाल ख़त्म होने पर बेहतरीन रक़म देने का प्रस्ताव है।
 
अधिकारियों की कमी से परेशान सेना में युवाओं को भर्ती करने के लिए सेना यह नया क़दम उठा रही है। कहा जा रहा है कि इस नये पैकेज की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, 10 साल में सर्विस छोड़ने वाले अधिकारियों को 17 लाख रुपये तक मिलेंगे। जबकि अगर 14 साल की सर्विस अधिकारी पूरा करता है तो उसे 38 लाख रुपए दिए जाएंगे।
 
नए पैकेज के अनुसार हर साल के दो महीने के वेतन को जोड़कर उन्हें आख़िरी में दिया जाना प्रस्तावित है। इसके तहत पहले 10 सालों तक के लिए हर साल दो महीने की सैलरी और आख़िरी के 4 सालों में 4 महीने की सैलरी दी जाएगी। यही नहीं अधिकारियों को प्रोफेशनल कोर्स करने के लिए पूरी पेड स्टडी लीव और अन्य लाभ देने पर भी विचार किया जा रहा है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत तैनात अधिकारियों का कार्यकाल कम होता है और उनका 20 साल का कार्यकाल पूरा नहीं हो पाता है, जिसके कारण वे पेंशन के हक़दार नहीं हो पाते हैं। ऐसे परिस्थिति में उन्हें डिफेंस सिक्यॉरिटी कॉर्प्स या फिर नेशनल कैडट कॉर्प्स में भेजा जा सकता है।
 
आतंक से जूझ रहे भारत में सेना के तीनों अंगों में अधिकारियों की कमी चिंता का कारण है। देखा गया है कि आधुनिक समय में सेना की नौकरी के प्रति युवाओं की दिलचस्पी कम हुई है। वैसे इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन कारण जो भी हों अधिकारियों की कमी से तो सेना को जुझना पड़ रहा है। ऐसे में युवाओं को सेना की नौकरी के लिए आकर्षक करने के लिए जो प्लानिंग की जा रही है, देखना होगा कि उसका किसना असर युवाओं पर होता है?