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जानिए क्यों लोकसभा चुनाव की मतगणना में इस बार लगेगा ज़्यादा समय?

16 May 2019
वीवीपैट मिलान और सर्विस वोटर स्लिप में बार कोड के कारण चुनाव परिणाम घोषित होने में लगेगा वक़्त!
 

MAY 16 (WTN) – यदि आप यह सोच रहे हैं कि ईवीएम के कारण लोकसभा चुनाव के परिणाम जल्दी घोषित हो जाएंगे, तो आपका यह सोचना ग़लत है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार लोकसभा चुनाव के नतीजे आने में पिछले लोकसभा चुनावों की तुलना में देर लग सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस बार ईवीएम के साथ-साथ वीवीपैट में दर्ज मतों की गिनती के कारण लोकसभा चुनाव के परिणाम देरी से घोषित हो सकते हैं।

वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि निर्वाचन आयोग ने साफ़ कर दिया है कि मतगणना के दौरान ईवीएम और उससे सम्बन्धित वीवीपैट में दर्ज मतों के बीच अन्तर होने पर, वीवीपैट के आंकड़ों को सही और अन्तिम माना जाएगा। दरअसल, विपक्षी दलों की गुजारिश के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अब हर लोकसभा श्रेत्र की हर विधानसभा सीट की पांच ईवीएम और उससे सम्बन्धित वीवीपैट में दर्ज मतों का मिलान किया जाएगा। वैसे प्रत्याशी की मांग पर किसी ख़ास ईवीएम और सम्बन्धित वीवीपैट की भी गिनती की जा सकती है।

निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को मतगणना के लिए दिशा-निर्देश जारी कर साफ़ कर दिया है कि वोटों की गिनती कैसे होगी। निर्वाचन आयोग के मुताबिक़, अगर किसी भी कारण से ईवीएम और उससे सम्बन्धित वीपीपैट में दर्ज वोटों के बीच अन्तर पाया जाता है, तो इस स्थिति में वीपीपैट में दर्ज मतों को सही और आख़िरी मानकर चुनाव परिणाम घोषित किया जाएगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि काउंटिंग के दौरान लॉटरी के द्वारा हर विधानसभा सीट से पांच ईवीएम का चुनाव किया जाएगा, और उससे सम्बन्धित वीवीपैट में दर्ज मतों का मिलान ईवीएम में दर्ज मतों से किया जाएगा। हालांकि, यदि किसी प्रत्याशी को किसी विशेष ईवीएम पर संदेह हो तो वह उस ईवीएम से सम्बन्धित वीपीपैट में दर्ज मतों की गिनती के लिए चुनाव अधिकारी के पास आवेदन दे सकता है।

इसके लिए प्रत्याशी को खुद या फ़िर अपने मतगणना एजेंट के माध्यम से यह आवेदन करना होगा। लेकिन निर्वाचन आयोग के नियमानुसार इसके लिए प्रत्याशी को अपनी मांग के सम्बन्ध में कोई ठोस कारण बताना होगा। वहीं प्रत्याशी की मांग पर सम्बन्धित ईवीएम और उसकी वीवीपैट में दर्ज मतों का मिलान करना है कि नहीं, इसका अन्तिम फ़ैसला चुनाव अधिकारी करेगा।

वैसे कहा जा रहा है कि इस बार चुनाव परिणाण आने में देर रात तक लग सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि पोस्टल बैलेट और ईवीएम की गिनती और उसके बाद वीवीपैट में दर्ज मतों के मिलान के कारण अन्तिम परिणाम आने में समय लग सकता है। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार सर्विस वोटर की स्लिप पर बार कोड का इस्तेमाल किया गया है, और बार कोड को रीड करने में क़रीब ढाई मिनट का समय लग रहा है। ऐसे में इस बार सर्विस वोटर्स की गितनी में भी काफ़ी समय लगना स्वाभाविक है।

इन सभी प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को देखने के बाद साफ़ है कि इस बार लोकसभा चुनाव के परिणाम आने में देरी होना स्वाभाविक है। वर्षों पहले बैलेट पेपर से चुनाव होते थे, जिसके कारण चुनाव परिणाम आने में एक से दो दिन लग जाते थे। बाद में ईवीएम का प्रयोग होने के बाद चुनाव परिणाम कुछ ही घण्टों में घोषित होने लगे। लेकिन अब वीवीपैट में दर्ज मतों के मिलान और सर्विस वोटर्स में बार कोड होने के कारण वोटों की गितनी में समय लगेगा, जिसके कारण चुनाव परिणाम आने में 24 घण्टे से भी ज़्यादा का वक़्त लग सकता है।