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भारतीय सेना, मोदी और शाह से डरा पाकिस्तान कर रहा नई ‘प्लानिंग’!

17 Jun 2019
आईएसआई और लश्कर की कश्मीर में ‘गड़बड़ी’ करने की ‘साजिश’!

JUNE 17 (WTN) – भारत में लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की प्रचण्ड जीत और नरेन्द्र मोदी के फ़िर से प्रधानमंत्री बनने के बाद पाकिस्तान सकते में है। वहीं मोदी सरकार में तेजतर्रार नेता अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद से तो पाकिस्तान काफ़ी सचेत हो गया है। पाकिस्तान जानता है कि फायर ब्रांड नेता अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद जम्मू कश्मीर में आतंकियों की शामत आना तय है। वहीं भारतीय सेना द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ऑलआउट से भी आतंकियों का ज़ोरदार तरीक़े से सफ़ाया किया जा रहा है। भारत और ख़ासतौर से जम्मू-कश्मीर में तेज़ी से बदलते हालातों को देखते हुए पाकिस्तानी सेना ने कई उच्च पदों पर बदलाव करने का फ़ैसला किया है।

भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में लिप्त पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख में भी सेना ने बदलाव किया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल फैज़ हमीद को आईएसआई का नया प्रमुख बनाया गया है। फैज़ हमीद को लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर के स्थान पर आईएसआई (इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस) का महानिदेशक बनाया गया है। हमीद, आईएसआई में ‘काउंटर इंटेलीजेंस विंग’ के प्रमुख भी रह चुके हैं। वहीं पाकिस्तान सेना ने आईएसआई प्रमुख रहे लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर को गुजरांवाला के कोर कमांडर के तौर पर नियुक्त किया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुनीर को पिछले साल अक्टूबर में ही आईएसआई का प्रमुख बनाया गया था। लेकिन कहा जा रहा है कि जिस तरह से कश्मीर में आतंकियों का सफ़ाया हो रहा है इस कारण से मुनीर को उनके पद से हटाया गया है।

पाकिस्तानी मामलों के जानकारों के मुताबिक़ पाकिस्तान की सेना द्वारा आईएसआई में किया गया यह बदलाव अचानक नहीं बल्कि सोच समझकर लिया गया फ़ैसला है। दरअसल, जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि कश्मीर में आतंकियों के ख़िलाफ़ भारतीय सेना और सुरक्षा बलों की लगातार जारी कार्रवाई के बाद आतंकियों का बुरी तरह से सफ़ाया जारी है। बालाकोट हमले के बाद सेना, कश्मीर में आतंकियों का अब पूरी तरह से ख़ात्मा करने के मूड में है। मोदी सरकार से 'निर्देश' और 'आदेश' मिलने के बाद भारतीय सेना अब 'ऑपरेशन ऑल आउट-2' के साथ ख़तरनाक आतंकियों को मार गिराने की तैयारी में है।

जानकारी के मुताबिक़, भारतीय सेना ने ऐसे 10 वांटेड आतंकियों की सूची तैयार कर ली है जिनके दम पर फ़िलहाल कश्मीर में आतंकी गतिविधियां जारी हैं। सेना का ज़ोर इस समय दक्षिण कश्मीर की तरफ़ ज़रा ज़्यादा है, क्योंकि दक्षिण कश्मीर को ही आतंकियों का गढ़ माना जाता है। इस साल अभी तक कश्मीर में मारे गए कुल 105 आतंकियों में से आधे के करीब दक्षिण कश्मीर में ही मारे गए हैं।

अभी तक इस साल मई महीने तक सेना ने घाटी में 105 आतंकियों को मार गिराया है। इसमें 25 विदेशी और 80 कश्मीरी आतंकी शामिल हैं। कहा जा रहा है कि भारत की ओर से कश्मीर में आतंकियों के ख़िलाफ़ लगातार की जा रही कार्रवाई से 'निराश' और 'परेशान' पाकिस्तान अब आईएसआई के ज़रिये कश्मीर में आतंक की नई साजिश रचने की तैयारी में है। नये आईएसआई चीफ़ के ज़रिये पाकिस्तान एक बार फिर आतंकी संगठनों के साथ मिलकर भारत में घुसपैठ की कोशिशें तेज़ करना चाहता है ताकि आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।

जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान सेना ने भारत में आतंकियों की घुसपैठ के लिए बाक़ायदा आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के साथ प्लानिंग भी शुरू कर दी है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, आईएसआई की मदद से बने लश्कर के इस ग्रुप को कश्मीर के साथ-साथ जम्मू में सेना और सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई की ज़िम्मेदारी दी गई है, जिसमें अमरनाथ यात्रियों से लेकर जवानों पर हमले करना तक शामिल है।

लश्कर के नए ग्रुप की जिम्मेदारी इरशाह अहमद मालिक को दी गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इरशाह पहले भी लश्कर का आतंकी रह चुका है। जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान की सेना की प्लानिंग है कि इरशाह एक बार फ़िर कश्मीर में उसी तरह से अपनी गतिविधियां जारी रखे जैसी कि पुलवामा हमले के पहले थी।

यानी कि साफ़ है कि भारतीय सेना और सुरक्षा बलों द्वारा आतंकियों के लगातार ख़ात्मे के बाद पाकिस्तानी सेना ने आईएसआई को लश्कर के नये ग्रुप के साथ मिलकर यह ज़िम्मेदारी दी है कि वो जम्मू कश्मीर में एक बार फ़िर से आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे। लेकिन देखना होगा कि भारतीय सेना और सुरक्षा बलों के मुस्तैदी के आगे पाकिस्तान के नापाक मंसूबे कहां तक टिक पाते हैं।